” दिल्ली चलो ” अभियान किसानों द्वारा| “Delhi Chalo” Campaign By Farmers in Hindi.

नमस्कार दोस्तों आप सभी का स्वागत है आज हम जानेंगे किसानों द्वारा शुरू किया गया दिल्ली चलो मोर्चा या आंदोलन के बारे में विस्तार से|
यह आंदोलन लगभग 23 नवंबर 2020 खोज शुरू किया गया था किया गया था और इसमें पंजाब और हरियाणा के कई किसान ऐसे हैं जो पंजाब और हरियाणा के बॉर्डर को पार करके लगभग दिल्ली के बॉर्डर या दिल्ली के अंदर तक आ गए हैं
और इसमें हम बताएंगे कि यह मोर्चा यह आंदोलन आंदोलन क्यों और कैसे शुरू हुआ यह कहानी शुरू होती है सितंबर महीने से जब लोकसभा में 3 फार्म बिल बिल को पास किया गया था जिसके खिलाफ किया गया था जिसके खिलाफ देशभर मैं कई सारे किसानों ने आंदोलन किए थे जिसमें पंजाब और हरियाणा के किसानों द्वारा सबसे ज्यादा देखने को मिल रहे थे लेकिन यह तीनों बिल लोकसभा लोकसभा के साथ साथ राज्यसभा में भी पास कर दिए गए लेकिन जैसे ही यह तीनों बिल पास हुए वैसे ही पंजाब के कई सारे संगठन ने रेल रोको अभियान 24 सितंबर 2020 से 26 सितंबर 2020 तक के लिए शुरू कर दिया और कहा जैसी सरकार इन तीनों को वापस ले लेगी वैसे ही हम रेल रोको अभियान भी वापस ले लेंगे लेकिन इसके बाद 27 सितंबर 2020 को हमारे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इन तीनों मिलो को अपनी मंजूरी दे दी और यह बिल अब एक्ट बन गए बन गए लेकिन इसके कुछ दिनों के बाद पंजाब ने अपने तीन कृषि बिल को पास कराया पास कराया कराया उसके बाद जो रेल रोको अभियान चल रहा था किसानों ने इसे बंद करने की घोषणा कर दी लेकिन इसके साथ किसानों ने एक नई घोषणा की की घोषणा की नई घोषणा की की कि वह एक एक नए अभियान की शुरुआत करेंगे करेंगे दिल्ली चलो अभियान और इस आंदोलन में कोई हिंसा नहीं हुई किसानों का कहना था सरकार ने जो बिल पास किए उसे वापस ले जिससे हम सभी किसान पीछे हटने को तैयार हैं हम बात करते हैं दिल्ली चलो अभियान में किसान दो मुख्य रास्तों से दिल्ली की ओर आ रहे थे पहला रास्ता चंडीगढ़ से होते हुए nh4 के रास्ते कुरुक्षेत्र करनाल पानीपत और सोनीपत होते हुए दिल्ली दूसरा रास्ता बठिंडा से होते हुए मंडी डाबवाली से nh9 के रास्ते सिरसा सिरसा फतेहाबाद हिसार रोहतक फिर बहादुरगढ़ होते हुए दिल्ली किसानों को इन दोनों रास्तों पर कई जगह रोका गया जिसमें हरियाणा सरकार द्वारा धारा 144 लगाइए और किसानों पर वाटर कैनन और टियर गैस का प्रयोग किया गया उसके बाद दिल्ली के दो मुख्य बॉर्डर को सील कर दिया गया पहला यह सिंधु बॉर्डर दूसरा टिकरी बॉर्डर इन दोनों बॉर्डर पर पुलिस द्वारा वाटर गैस का प्रयोग किया गया इसके साथ दिल्ली की जो मेट्रो है वह गुरुग्राम फरीदाबाद और नोएडा को जोड़ती है दिल्ली से मेट्रो बार तो जा सकती है जा सकती है लेकिन दिल्ली के अंदर यात्री को लेकर नहीं आ सकती और दिल्ली पुलिस में दिल्ली सरकार से दिल्ली के नौ बड़े स्टेडियम को अस्थाई रूप से जेल बनाने की सिफारिश की जिससे दिल्ली सरकार ने मना कर दिया फिलहाल अभी स्थिति सही नहीं है आगे जो भी खबर आएगी वह हम आपको बताते रहेंगे

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Sanjana Singh

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