कोरोना के संकट में नकली दवाओं का खेल| fake drugs in the crisis of Corona in Hindi

भारत में पिछले कुछ दिनों में कोरोना की दूसरी लहर जब अपने चरम पर थी तब लोगों की मजबूरी का जबरदस्त फायदा उठाया गया। दिल्ली पुलिस ने नकली मेडिकल सप्लाई बेचने के जुर्म में 350 लोगों को गिरफ्तार किया था। इन पर सोशल मीडिया के जरिए नकली ऑक्सीजन सिलेंडर और नकली दवाइयाँ बेचने का आरोप है। जिसके शिकार कई परिवार हुए। दोस्तों हमारा आज का आर्टिकल इसी  विषय पर है। आइए दोस्तों इस आर्टिकल को पढ़ते हैं-
कोरोना के समय बहुत से लोगों ने अपने मुनाफे के लिए लोगों को नकली वैक्सीन बेचकर अपना शिकार बनाया-
यह खबर जब कि है जब देश की राजधानी कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रही थी। उस समय मरीजों के लिए एक-एक सांस लेना भारी पड़ रहा था। हर दिन जरूरी मेडिकल सप्लाई इकट्ठा करने की कोशिश में हताशा में प्रार्थना के सिवा कोई और चारा नहीं था।
कोविड-19 के दौरान में होते तमाम घोटालों के बीच यह एक और स्कैम हैं। जहाँ सोशल मीडिया पर फायर एक्सटिंग्विशर को ऑक्सीजन सिलेंडर बताते हुए बेचा जा रहा है।
ऐसे ही एक घोटालेबाज का शिकार हुई महिला की घटना के बारे में सुनिए-
ऐसी ही एक घटना के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं। कोरोना महामारी के इस संकट में इस घोटाले का शिकार हुई महिला ने अपनी मां की मृत्यु का शोक जताते हुए बताया कि मैं अपनी मां की जान बचाने के चक्कर में इन घोटालेबाजों के बीच में फस गई। उनकी उम्र 50 वर्ष थी और वह आमतौर पर ऊर्जा और जोश से भरी रहती थी।
जब उन्हें कोविड-19 हुआ तो उन्हें डॉक्टर ने एंटीवायरल ड्रग रेमडेसीवियर लेने को कहा। उसने शहर के तमाम कैमिस्टर और अस्पताल छान मारे लेकिन उन्हें वो वैक्सीन नही मिली थी।
कोरोना की शिकार हुई महिला की बेटी ने बताया कि हम लाचार थे। हमने पूरे शहर में वैक्सीन खोजी पर हमें नहीं मिली। आखिरकार मैंने और मेरे पिता ने रेमडेसीवियर इंजेक्शन पाँच गुना ज्यादा कीमत देकर  खरीदा, जिसका नाम सोशल मीडिया पर सर्कयूलेट हो रहा था। वो रेमडेसीवियर नकली निकली।
घोटालेबाजों की नकली इंजेक्शन के कारण उनकी माता की मृत्यु हो गई-
जब तक उन्हें यह बात पता चली बहुत देर हो चुकी थी। उनकी मां की मृत्यु हो चुकी थी। अपनी मां की मृत्यु के लिए उन्होंने इस नकली इंजेक्शन बेचने वाले को दोषी बताया। उन्होंने कहा कि मैं उन्हें दोषी मानती हूं। उन्हें सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।
नकली रेमडेसीवियर बनाने वाली इस असेम्बली लाइन को दिल्ली पुलिस ने बंद कर दिया हैं।
दिल्ली पुलिस ने उन घोटालाबाज लोगों को गिरफ्तार किया-
नकली इंजेक्शन बेचने वालों में से एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है और पिछले कुछ दिनों में इस मामले में कुल 350 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो इन घोटालों में शामिल थे।
दिल्ली पुलिस में  मौजूद साइबर क्राइम विशेषज्ञ ने इस विषय में क्या बताया-
दिल्ली पुलिस में  मौजूद साइबर क्राइम विशेषज्ञ कहते हैं कि उन्होंने इससे गिरा हुआ दौर अब तक नहीं देखा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह हालात देखकर बहुत दुख होता है ,आप इसे इंसानियत के खिलाफ भी कह सकते हैं। लोग तड़प रहे हैं और आपसे अपनी जरूरत के सामान मांग रहे हैं और आप उन्हें धोखा दे रहे हैं।
इन मुनाफाखोरों और  घोटालेबाजों से बचकर रहें-
भारत में हालात धीरे-धीरे सुधार रहे हैं लेकिन अगर कोरोना की तीसरी लहर आती है तो यह मुनाफा खोर लोग भी आसपास सामने नजर आ ही जाएंगे। यहीं कहीं यह अपने अगले शिकार के इंतेजार में बैठे होंगे इसलिए इनसे सतर्क रहें और बचकर रहें।

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 Sanjana Singh