कोरोना से ठीक, अब ब्लैक फंगस| Recover from corona, Now black fungus in hindi.

कोरोना की दूसरी लहर में  संक्रमित हुए कई मरीज ठीक होने के बाद भी एक नई परेशानी से झूझ रहे हैं।

इस नई परेशानी का नाम है मुकोरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस।

इसमे मरीज की आँख खराब हो जाती है और आँख को निकालना पड़ता है और जान तक जाने की भी खतरा रहता है।

दोस्तों हमारा आज का आर्टिकल इसी विषय पर है। तो आइए दोस्तों हमारे आज के इस आर्टिकल को पढ़ते है- कोरोना से ठीक, अब ब्लैक फंगस| Recover from corona, Now black fungus in hindi.

गुजरात के सूरत में ब्लैक फंगस के कितने केस देखने को मिले-

गुजरात के सूरत में पिछले 15 दिनों में 50 से ज्यादा ब्लैक फंगस के मामले सामने आए हैं। इनमें से 8 मरीजों की आँख निकालनी पड़ी हैं|

दिल्ली के अस्पतालों में भी इसके कई मामले सामने आए हैं| गुजरात के सूरत में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने भी कहर बरसा रखा है|

यह ब्लैक फंगस कैसे फैलता है?

कोरोना मरीजों को बेड, वेंटिलेटर और ऑक्सीजन की कमी से जूझना पड़ रहा है| कोरोना से ठीक हो जा रहे मरीज एक नई बीमारी का शिकार हो रहे हैं|

डॉक्टर इसे मुकोरमाइकोसिस फंगल इन्फेक्शन बता रहे हैं| यह नाक और आँख से होते हुए दिमाग तक पहुँच जाता है|

इसको रोकने के लिए क्या करे और इस पर विशेषज्ञों की क्या राय है-

इन्फेक्शन को फैलने से रोकने के लिए आँख निकलनी पड़ती है| सूरत के किरंथ हॉस्पिटल के कान एवं गला विशेषज्ञ डॉक्टर भाविन पटेल ने एक इंटरव्यू में बताया-

कि कोरोना की दूसरी लहर में ब्लैक फंगस के केस अधिक सामने आ रहे हैं| कोरोना से संक्रमित होने के बाद मरीज आँख में दर्द, सिर में दर्द आदि को इग्नोर करते हैं| यहीं लापरवाही मरीज को भारी पड़ जाती है|

सूरत के ENT स्पेशलिस्ट डॉक्टर साकेत शाह इसके बारे में क्या बताते हैं-

सूरत के ENT स्पेशलिस्ट डॉक्टर साकेत शाह बताते हैं कि कोरोना ठीक होने के बाद यह फंगल इन्फेक्शन  पहले साइनस (नाक में ऊपर की तरफ) में होता है|

इसके 2 से 4 दिन बाद यह आँख तक पहुँच जाता है|  इसके 24 घण्टे के भीतर यह दिमाग तक पहुँच जाता है| ऐसे में तत्काल आँख निकलनी पड़ती है ताकि इन्फेक्शन को आगे जाने से रोका जा सके|

फंगल इन्फेक्शन सबसे पहले किन व्यक्तियों पर अटैक करता है-

डॉक्टर के मुताबिक फंगल इन्फेक्शन सबसे पहले कमजोर इम्यूनिटी वालों पर अटैक करता है| कोरोना में इम्यूनिटी पहले ही कमजोर हो जाती है|

इलाज के दौरान दी गई दवाइयाँ भी शरीर को कमजोर कर देती है| ऐसे में मरीज अगर डायबिटीज से पीड़ित हैं तो उसमे इस बीमारी के होने के मौके ज्यादा हो जाते हैं|

डॉक्टरों की इसके लिए क्या सलाह है-

डॉक्टरों की सलाह है कि सर में असहनीय दर्द, आँख लाल होना, आँखों में बहुत दर्द होना और पानी गिरना| आँख का मूवमेंट ना होना जैसे कोई भी लक्षण दिखे तो डॉक्टर से संपर्क करे|

अहमदाबाद में भी मुकोरमाइकोसिस के केस देखने को मिले थे-

पिछले साल जब कोरोना की लहर आई थी, तब भी गुजरात में मुकोरमाइकोसिस और ब्लैक फंगस देखने को मिला था|

उस वक्त इसके सबसे ज्यादा मामले अहमदाबाद में देखे गए थे| अहमदाबाद के बाद इसके केस वडोदरा में सामने आए थे|

अहमदाबाद में मुकोरमाइकोसिस के केस तकरीबन 44 और वडोदरा में 7 मामलें सामने आए थे| अब भी डॉक्टरों ने डायबिटीज, ब्लड कैंसर और शुगर के मरीजों को  यह राय दी थी कि जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हैं|

दिल्ली के गंगाराम अस्पताल के डॉक्टर ने इसके बारे में क्या कहा-

दिल्ली के गंगाराम अस्पताल के ENT सर्जन डॉक्टर मनीष जी ने बताया कि राजधानी में भी मुकोरमाइकोसिस के मामले देखे जा रहे हैं|

गंगाराम अस्पताल में ही पिछले बीते दो दिनों में ऐसे 6 केस सामने आए हैं|

कोरोना की इस जंग कैसे आगे बढ़े-

आप सभी जानते हैं कि कोरोना वायरस की वजह से देश में हालात कुछ बिगड़े हुए हैं| आप भी सुरक्षित रहिए, अपने घरों में रहिए और अपने घरों के बाहर जभी निकले जब जरूरी हो|

जब भी आप अपने घरों से बाहर जाए तो मास्क जरूर लगाए, सामाजिक दूरी  का पालन करे और सेनिटाईजर का प्रयोग करे|

अगर आप कोरोना वायरस से रिकवरी कर चुके हैं, तो पलासमा दान करने के लिए योग्य हैं, तो प्लीज पलासमा दान करे|

दोस्तों, ‘ आपको हमारा यह आर्टिकल कोरोना से ठीक, अब ब्लैक फंगस| Recover from corona, Now black fungus in hindi. कैसा लगा? आप हमें कमेंट करके बताए और हमारे इस आर्टिकल को शेयर और लाइक करना ना भूले|

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Sanjana Singh