कोरोना ने भारत की ये कमी सामने ला दी। Corona revealed this deficiency of India in Hindi

भारत के अस्पताल इन दिनों कोरोना वायरस की दूसरी और सबसे घातक लहर से झूझ रही हैं। लेकिन भारत का स्वास्थय ढाँचा इस महामारी से पहले ही गम्भीर स्थिति में था।

भारत के अस्पतालों में इन दिन मरीजों की भीड़ लगी हुई है और इनमें से कुछ अस्पतालों को ऑक्सीजन-दवाइयों का खुद ही जुगाड़ करना पड़ रहा है। इसकी पाँच वजह है।

दोस्तों हमारा आज का आर्टिकल इसी विषय पर है। तो आइए दोस्तों इन पाँच वजहों के बारे में जानते हैं-

1. अस्पतालों का कम इस्तेमाल होना-

भारत के लोग अस्पतालों का इस्तेमाल बहुत कम करते हैं। देश की हॉस्पिटलाइजेशन दर विश्व की सबसे कम में से हैं। ऐसा आबादी के सेहतमंद होने की वजह से नहीं है। अस्पताल कुछ लोगों की पहुंच से ही बाहर है।

2. कम स्वास्थ्यकर्मी का होना –

भारत में स्वास्थ्यकर्मी बहुत कम है। साल 2018 में यहां औसतन एक लाख लोगों के लिए 90 डॉक्टर थे जबकि चीन में 200 और अमेरिका में इस आंकड़े के अनुसार 260 और रूस में 400 डॉक्टर थे।

3. अस्पताल बेड की कमी –

आबादी की तुलना में भारत में अस्पताल बेड बेहद कम है। साल 2017 के एक शोध के मुताबिक यहाँ औसतन एक लाख लोगों के लिए 50 अस्पताल बेड थे।

रूस में यह आंकड़ा 710 है, चीन में यह आंकड़ा 430 है और यही आंकड़ा अमेरिका में 290 है।

4. खराब स्वास्थ्य सेवाएँ-

भारत में स्वास्थ्य सेवाएं अच्छी नहीं है। यहाँ हर साल खराब स्वास्थ्य सेवाओं की वजह से कई लोगों की मौत हो जाती है।

2018 में यह आंकड़ा भारत में औसतन एक लाख लोगों के लिए 122 था। जो पड़ोसी देशों के मुकाबले कहीं ज्यादा है। चीन में यह आंकड़ा 46 हैं, बांग्लादेश में 57 और श्रीलंका में यह मौत की दर 51 हैं।

5. भारत में स्वास्थ्य सेवाओं का महंगा होना-

भारत में स्वास्थ्य सेवाएं बहुत महंगी है। देश की दो-तिहाई अस्पताल सेवाएं निजी क्षेत्र मुहैया कराता है जिस पर कोई सरकारी नियंत्रण नहीं है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर भारत सरकार का खर्च हमेशा ही कम रहा है। महामारी के बाद इसे सुधारने का ऐलान किया गया है लेकिन यह अब भी अन्य देशों से काफी सोचने योग्य है।

इन सब वजह से स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और उनकी क्वालिटी के मामलों में भारत दुनिया में काफी पीछे है। 2016 में 195 देशों की सूची में भारत तो 145 वें पायदान पर रखा गया था।

66 वें नंबर पर ईरान और 88 वें नंबर पर सीरिया से भी पीछे भारत है। जब तक भारतीय सरकार भारतीय जनता के लिए अच्छी और सस्ती दवाइयां मुहैया नहीं कराती है तब तक हर इंसान के लिए यह अपनी लड़ाई बनी रहेगी।

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Sanjana Singh