लता मंगेशकर का जीवन परिचय| Lata Mangeshkar Biography or Jivni in Hindi.

लता मंगेशकर का जीवन परिचय| Lata Mangeshkar Biography or Jivni in Hindi.

Indian playback singer Lata Mangeshkar Biography or Jivni in Hindi.
भारतीय पार्श्व गायिका लता मंगेशकर का जीवन परिचय|


भारत रत्न से सम्मानित स्वर कोकिला ( Lata Mangeshkar ) लता मंगेशकर की गिनती अनमोल गायिकाओं में होती हैं| उन्होंने अपनी सुरीली आवाज का जादू केवल भारत में ही नहीं, ब्लकि देश-विदेश में उनकी सुरीली आवाज की बहुत चर्चा हैं| 

लता मंगेशकर की अद्भुत आवाज America में Research भी की जा चुकी हैं| American वैज्ञानिकों ने तो यह भी कह डाला कि   (Lata Mangeshkar) लता मंगेशकर जी जैसी इतनी सुरीली आवाज न तो कभी थी और न ही कभी हो सकती हैं|

भारत रत्न (Lata Mangeshkar) लता मंगेशकर जी कई दशकों से भारतीय सिनेमा को अपनी मधुर और सुरीली आवाज देती आ रहीं हैं| लता जी के आगे आज संगीत की पूरी दुनिया और हर एक व्यक्ति उनके आगे सिर झुकाता हैं| मात्र 13 साल की उम्र से लता जी भारतीय  सिनेमा में अपनी सुरीली आवाज दे रहीं हैं|

(Lata Mangeshkar) लता मंगेशकर जी ने अपने अब तक के करियर में लगभग 1000 से भी हिंदी फ़िल्मों और तकरीबन 36 से भी ज्यादा भाषाओं में गाने गाए हैं| इसके साथ लता जी विदेशी भाषाओं में भी गीत जा चुकी हैं|

लेकिन (Lata Mangeshkar) लता मंगेशकर जी ने सबसे ज्यादा मराठी और हिंदी भाषा में गाना गाए हैं|

Lata Mangeshkar (लता मंगेशकर) का जीवन परिचय-

पूरा नाम(Full Name)- लता दीनानाथ मंगेशकर (Lata Deenanath Mangeshkar) 

जन्मतिथि(Date of Birth) – 28 सितम्बर 1929

जन्मस्थान (Birthplace) – इंदौर(Indore) 

पिता का नाम(Father’s Name)- पंडित दीनानाथ मंगेशकर (Pandit Deenanath Mangeshkar) 

माता का नाम(Mother’s Name) – शे……… 

बहन का नाम(Sister’s Name) – आशा भोंसले, उषा मंगेशकर, मीना मंगेशकर

भाई का नाम(Brother’s Name)-……….. 

राष्ट्रीयता(Nationality)- भारतीय(Indian) 

पेशा(Occupation)- Playback Singer’s और Music Composer 

लता मंगेशकर जी का प्रारम्भिक जीवन कैसा था?? 

लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को इंदौर के मराठी परिवार में पंडित दीनानाथ मंगेशकर के घर में हुआ था| इनके पिता जी एक Classical Singer और Actor भी थे| इसलिए यह कहना बिल्कुल भी गलत नहीं हो सकता हैं कि लता मंगेशकर जी को संगीत विरासत में मिली हैं|

लता जी की माता जी महाराष्ट्र के थालेनर से थी और वह पंडित दीनानाथ मंगेशकर की दूसरी पत्नी थी|लता जी के जन्म के बाद ही उनका परिवार महाराष्ट्र में आकर रहने लगें|

Lata Mangeshkar (लता मंगेशकर) जी को बचपन में “हेमा” नाम से पुकारा जाता था, लेकिन बाद में उनके पिता जी किसी से प्रेरित होकर उनका नाम बदलकर लता रख दिया था| इसके बाद इसी नाम से लता मंगेशकर जी ने संगीत की दुनिया में अपनी अलग ही पहचान बना ली, जिसे आज के युग में हर कोई जानता हैं और उनसे प्रेरणा लेता हैं|

बचपन से ही संगीत में रूचि रखने वाली लता जी ने संगीत का पहला पाठ अपने पिता जी से ही सीखा था|वे अपने पिता जी से अपने सभी छोटे भाई-बहनो के साथ मिलकर Classical Music सीखती थी|

लता जी ने महज 5 साल की आयु में अपने पिता जी साथ उन्हीं के Musical play के लिए अभिनेत्री के तौर पर काम करना शुरू कर दिया था|

Lata Mangeshkar (लता मंगेशकर) जी संगीत के क्षेत्र का चमत्कार हैं, इस बात का एहसास उनके पिता जी दीनानाथ मंगेशकर को लता जी के बचपन में ही हो गया था| पिता जी की मृत्यु के बाद  घर की सारी जिम्मेदारी लता जी पर ही अगयी थी-

लता मंगेशकर जी के पिता जी की मृत्यु 1942 ई.वी.  मे हो गयी थी| तब लता जी मात्र 13 साल की ही थी| जब उनके पिता को ह्रदय संबंधी बीमारी हो गयी और वे अपने विशाल युवा परिवार को बीच में छोड़कर चल बसे|

परिवार में सबसे बड़ी संतान होने के कारण घर की सारी जिम्मेदारी लता मंगेशकर जी के ऊपर आ गयी|उसके बाद से ही Lata Mangeshkar (लता मंगेशकर) जी ने कम उम्र से ही अपने परिवार के पालन-पोषण के लिए काम करना शुरू कर दिया था|

लता मंगेशकर जी करियर  कैसा था.?

लता मंगेशकर जी ने 13 साल की उम्र में ही अपने करियर की शुरुआत की थी| तब से यह अपनी भारतीय सिनेमा को अपनी मधुर आवाज दे रही हैं|

लता जी ने अपना पहला गाना 1942 में मराठी फिल्म “किती हसाल” के लिया गाया था| लेकिन इस फिल्म में एडिटिंग करते समय इस गाने को फिल्म से निकाल दिया गया था|

लता मंगेशकर जी के साथ जब कोई खड़ा नहीं था, तब उनके पिता जी के दोस्त “मास्टर विनायक” ने दीनानाथ जी के मरने के बाद इनके पूरे परिवार को सम्भालने में मदद की और (Lata Mangeshkar) लता मंगेशकर जी को सिंगर और अभिनेत्री बनने में भी बहुत मदद की|

मास्टर विनायक जी ने लता जी को साल 1942 में मराठी फिल्म  “पहिली मंगला-गौर में एक छोटा सा किरदार भी दिया था| जिसमें लता जी ने एक गाना भी गाया था| भले ही लता जी ने अपना करियर मराठी गायिका और एक अभिनेत्री के रूप में शुरू किया था, लेकिन उस समय यह कोई नहीं जानता था कि यह छोटी सी लड़की हिन्दी सिनेमा की सबसे प्रसिद्ध मधुर  गायिका बनेंगी|

1945 में लता मंगेशकर जी मास्टर विनायक के साथ मुंबई चली गयी थी|

यहाँ से इन्होंने अपनी संगीत प्रतिभा को निखारने के लिए उस्ताद अमानत अली खान से हिन्दुस्तानी classical music सीखना शुरू कर दिया था|

वही इसी दौरान उन्हें बहुत सारे Music Composer ने उनकी पतली और तीखी आवाज बताकर उन्हें Reject कर दिया था, क्योंकि उनकी आवाज उस दौरान में पसंद किए जाने वाले गानों से एकदम अलग थी|

वही उस दौरान लता जी से उस दौर की मशहूर नूरजहां के लिए भी गाने के लिए कहा जाता था| 1948 में विनायक जी मृत्यु को गयी थी, जिसके बाद लता जी की जिंदगी में एक और तूफान आया| इसी तरह शुरुआत में लता मंगेशकर जी ने बहुत संघर्ष किया और विनायक जी की मृत्यु के बाद गुलाम हैदर जी ने लता जी की बहुत मदद की थी|

साल 1948 में “मजदूर”  फिल्म का गाना “दिल मेरा तोड़ा मुझे कहीं का छोड़ा” से  (Lata Mangeshkar) लता मंगेशकर जी को पहचान मिली थी|

वही इसके बाद इन्होंने साल 1949 में फिल्म “महल” का गाना “आएगा आनेवाला” गाया था जो उस दौर में सुपरहिट साबित हुआ था|

इस गाने के बाद  (Lata Mangeshkar) लता मंगेशकर जी संगीत की दुनिया के कई Music Director और Playback Singer ki नजरों में उतर गयी|

जिसके बाद उन्हें एक के बाद एक कई गानों के लिए ऑफर मिलते चले गए| वही साल 1950 में  (Lata Mangeshkar) लता मंगेशकर जी को  कई बड़े और मशहूर Music Directors के साथ काम करने का मौका भी मिला|

वही उनके जीवन में एक टर्निंग पॉइंट तब आया, जब 1958 में Music Director सलिल चौधरी द्वारा फिल्म “मधुमती” का गाना “आजा रे परदेशी” के लिए Best Female Playback singer का सबसे पहला Filmfare Award मिला|

इसके बाद लता मंगेशकर जी ने कई बड़े Director के साथ काम और बहुत बड़े-बड़े Project किए| उस दौर में  लता मंगेशकर जी का करियर का सातवें आसमान पर था|

उनकी सुरीली और मधुर आवाज की बदौलत वह एक सिंगिंग सुपरस्टार बन गयी थी| यह वह दौर था जब बड़े से बड़ा Actor, Producer’s, Music Composer और Director’s लता जी के साथ काम करना चाहता था|

साल 1960 लता जी के लिए सफलताओं से परिपूर्ण था| इस समय उन्होंने “प्यार किया तो डरना क्या”, “अजीब दासता हैं ये” जैसे कई सुपरहिट गाने गाए|

साल 1960 में ही Singer और Music Director लक्ष्मीकांत प्यारेलाल और लता जी के संबंध को लेकर भी जाना जाता था| जिसके बाद लता जी ने 35 साल के लंबे करियर में 700 से भी ज्यादा गाना गाए थे|

इसके बाद लता मंगेशकर जी की सफ़लता और आवाज का जादू 1970 और 1980 के दशक में भी चलता गया|

उन गानों को सुनकर आज भी दिल को बहुत सुकून मिलता हैं|इसके बाद लता जी का स्वास्थ्य खराब होता गया और फिर उन्होंने कुछ चुनिंदा गानों में ही अपनी आवाज देनी शुरू कर दी|

लता जी ने न केवल फ़िल्मों में गाने गाए हैं, बल्कि उन्होंने  कई एल्बम भी लांच किए थे| साल 1990 में कई नई महिला गायकों ने प्रवेश किया, लेकिन जिनके कंठ में स्वयं सरस्वती विराजमान हैं|उन्हें भला पीछे कौन छोड़ सकता हैं|

इस समय में भी लता जी की सफलता का दीया जलता रहा था और आज के समय में भी लोग लता जी से उतना ही प्यार करते हैं|जितना 70, 80 और 90 के दशक में करते थे|

लता मंगेशकर जी ने 30000 से अधिक गाने गाए हैं| लता मंगेशकर जी को किन किन पुरस्कारों से सम्मानित किया गया हैं? लता मंगेशकर जी ने न केवल कई गीतकारों और संगीतकारों को सफल बनाया हैं, बल्कि उनकी सुरीली आवाज के कारण कई फ़िल्में भी प्रसिद्ध हुई हैं| 

तो आइए देखते हैं उनको किस-किस पुरस्कारों से नवाजा गया हैं-

अवॉर्ड के नाम किस साल में मिले

फिल्म फेयर अवॉर्ड-  1958, 1962, 1965, 1969, 1993 और 1994

नैशनल फिल्म फेयर अवॉर्ड-  1972, 1974 और 1990

महाराष्ट्र सरकार पुरस्कार- 1966 और 1967

 पद्म भूषण- 1969

 संसार में सबसे ज्यादा गीत गाने का गिनीज बुक रिकार्ड- 1974

 दादा साहेब फाल्के पुरस्कार- 1989 

 फिल्मफेयर का लाइफ टाईम अचीवमेंट पुरस्कार- 1993

स्क्रीन का लाइफ टाईम अचीवमेंट पुरस्कार- 1996

राजीव गांधी पुरस्कार- 1997

एन टी आर पुरस्कार-1999

पद्म विभूषण- 1999

जी सिने का लाइफ टाईम अचीवमेंट पुरस्कार-1999

आई आई ए एफ का लाइफ टाईम अचीवमेंट पुरस्कार- 2000

स्टार डस्ट का लाइफ टाईम अचीवमेंट पुरस्कार- 2001

भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारत रत्न”- 2001

नूरजहां पुरस्कार- 2001

महाराष्ट्र भूषण- 2001

लता जी को भारत के 60 वें स्वतंत्रता दिवस के दिन ” वन अवार्ड फॉर लाइफ टाईम अचीवमेंट” से भी नवाजा गया

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Sanjana

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