यात्रा के दौरान कोरोना वायरस से बचने के उपाय| Coronavirus Safety Travel.

यात्रा के दौरान कोरोना वायरस से बचने के उपाय Safety from Coronavirus During Travel in Hindi

यात्रा के दौरान कोरोना वायरस से बचने के उपाय और यह एक से दूसरे व्यक्ति में कैसे फैल रहा है-

आज के इस भीड़ बाड़ वाले शहर में हर व्यक्ति कहीं ना कहीं जरूर यात्रा पर अपने घर से बस, ट्रेन, मेट्रो और फ्लाइट जैसे वाहनों से यात्रा करने के लिए निकलते हैं| लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप जिस वाहन में सफ़र कर रहे हैं वो वाहन आपके स्वास्थ्य पर कोई बुरा असर नहीं होने देगा| दोस्तों य़ह सवाल इसलिए पूछा जा रहा है क्योंकि आज कल कोरोना वायरस नामक एक वायरस पूरे विश्व भर में क्रांति फैला रहा है और य़ह बताया जाँ रहा है कि य़ह वायरस यात्रा के दौरान बहुत ज़्यादा एक से दूसरे लोगों के शरीर में प्रवेश कर रहा है तो आइये दोस्तों इसके बारे में जानते हैं और यात्रा करते समय इस पर सावधानी बरतते है-

 कोरोना वायरस से बड़ी यात्रा करने में दिक्कतें-

 क्या कैब, फ्लाइट, मेट्रो और ट्रेन में सफ़र करने से कोरोना वायरस से संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है| कोरोना वायरस की चपेट में आकर अब तक लगभग 8000 से ज़्यादा लोगों की मौत पूरे विश्व भर में हो चुकी है| इसलिए अब सभी लोगों की जुबान से  ज्यादातर यही सवाल सुनने को मिलता है| कई लोगों ने य़ह सवाल भी किया है कि सार्वजनिक परिवहन जैसे ट्रेन, बस और मेट्रो में सफ़र करने से इस वायरस से संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है|

 यात्रा के दौरान य़ह वायरस फैलता कैसा है?

कोरोना वायरस में किए गए अब तक शोध में य़ह बात सामने नहीं आई है कि य़ह वायरस फैलता कैसे हैं| लेकिन इस वायरस जैसे दूसरे वायरस में किए गए शोध से य़ह पता चला है कि वायरस संक्रमित लोगों के खांसने और छींकने से हवा में आया और उसकी लार की छींटों के संपर्क में आने से फैले और जब य़ह छींटे किसी जगह से जैसे ट्रेन के हैंडल, सीटें और कैब का दरवाज़ा खोलने वाले आदि से गिरते हैं तो उन जगहों को छूने वाला व्यक्ति भी संक्रमित हो जाता है| क्योंकि इंसान अनजाने में कई बार अपने हाथों से मुँह को छूता है और वह नाक और दांतों को भी अनजाने में कई बार खुरेदता है| ऐसे में आप जब संक्रमित जगहों या चीजों को छूने के बाद अनजाने में अपने हाथों को चेहरे तक ले जाते हैं तो इस तरह वायरस आपके शरीर में फैल जाता है|

 कोरोना वायरस को अपने शरीर तक पहुंचने से कैसे रोके?

BBC संवाददाता फरनेंडो द्वारथे ने अपने रिपोर्ट में कहा है कि विशेषज्ञ अभी भी वायरस के इस नए स्त्रैण पर शोध कर रहे हैं| लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि कोरोना वायरस किसी भी जगह पर गिरने के बाद नौ दिनों तक उसका असर उस स्थान पर रहता है| ऐसे में मास्क पहनने और हाथों को बार-बार धोने की सलाह दी जा रही है ताकि वायरस को आपके हाथों से होकर  चहरे और उसके बाद शारीरिक अंगों तक पहुंचने से रोका जा सके|

यात्रियों को ट्रेन और फ्लाईट में सफ़र करना कितना नुकसान पहुंचा सकता हैं?

य़ह बताया जा रहा है कि कोरोना वायरस बुखार फैलाने वाले संक्रमित तत्वों की तरह हवा में नहीं फैलते है| ऐसे में अगर आप किसी संक्रमित व्यक्ति के करीब है तो आप भी इस वायरस से संक्रमित हो सकते हैं| ब्रिटेन के राष्ट्रीय स्वास्थ तंत्र की गाइड लाइन के मुताबिक संक्रमित व्यक्ति के काफी करीब होने के आश्रय 15 मिनट तक दो मीटर की दूरी में रहने से हैं| ऐसे में बस, ट्रेन और फ्लाइट में सफ़र करने से खतरा कितना है, य़ह इस बात पर निर्भर करता कि आपकी वह बस या ट्रेन कितनी भरी हुई थी|

 मेट्रो और ट्रेन में रोज सफ़र करने वाले लोगों के लिए इस वायरस से संक्रमित होने से बचने के उपयुक्त उपाय-

इंस्टिट्यूट ऑफ ग्लोबल हेल्थ से जुड़ी डॉक्टर लारा को के बताती हैं कि उनके शोध में  य़ह बात सामने आई है कि जो लोग हर रोज मेट्रो में सफ़र करते हैं| उन लोगों को फ्लू में ग्रसित होने की संभावना ज़्यादा होती है| इसमे खास बात य़ह है कि वो इलाके जहाँ ट्रेन कम पहुंचती है और जहाँ यात्रियों को दिन में सफ़र करते हुए बार-बार लाइन बदलनी पड़ती है| वहाँ influenza जैसे बीमारियों के फैलने की शंका ज़्यादा होती है| वहीं अगर एक सीधी ट्रेन यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती हैं तो ऐसे में यह खतरे बहुत कम हो जाते हैं| हमें सबसे आसान तरीके से अपने काम पर पहुंचने की कोशिश करनी चाहिए और कम से कम ट्रेन बदले अपनी जगह जाने का प्रयास करना चाहिए|

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Sanjana

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