समय और सही निर्णय का महत्त्व | Time Decision Motivational Story in Hindi.

समय और सही निर्णय का महत्त्व Time And Decision Motivational Story in Hindi




सही समय पर सही निर्णय लेना ही जीवन जीने की कला हैं
Time And Decision Motivational Story in Hindi.


समय और सही निर्णय का महत्त्व Time And Decision Motivational Story in Hindiजीवन में सही समय पर निर्णय लेना बहुत जरूरी होता हैं,अगर आपने वह निर्णय सही समय पर नहीं लिया तो आपके साथ कुछ बुरा भी हो सकता हैं|
और आपको किसी तरह की हानि भी पहुंच सकती हैं,चलिए यह बात में आपको एक कहानी के द्वारा समझाता हूँ|



एक समय की बात एक आदमी अपने बच्चे को जीवन जीने की प्रेरणा कुछ इस प्रकार दे रहा था| उस आदमी ने एक बर्तन में पानी को भरकर रखा और उस बर्तन में एक मेढ़क को डाल दिया|पानी में जाते ही मेढ़क बड़े आराम से तैरने लगा, अब इसके कुछ देर बाद आदमी ने उस बर्तन को गैस पर रखा और उस बर्तन को गरम करने करने लगा|थोड़ी ही देर में वह बर्तन का पानी गरम हो गया लेकिन उस पानी के अंदर तैर रहे मेढ़क ने कोई झटपटाहट नहीं दिखाई |

और उस पानी के तापमान के अनुसार अपने शरीर को ढालने लगा| कुछ देर बाद गैस पर रखा पानी का बर्तन और गरम हुआ तो मेढ़क ने फिर से अपने आप को उस पानी के तापमान के अनुसार खुद को ढालने लगा|वह उस पानी में आराम से तैरते रहा……|

कुछ समय बाद उस बर्तन के पानी का तापमान और बढ़ने लगा और एक समय ऐसा भी की उस बर्तन का पानी उबलने लगा और अब मेढ़क की सहने की योग्यता जबाब देने लगी और मेढ़क का अब उस बर्तन में रहना मुश्किल हो चुका था|



तभी मेढ़क ने निश्चय किया की छलांग मारकर पानी से बाहर आ जाये,लेकिन ऐसा ना हो सका|मेढ़क ने उस पानी के बर्तन से बाहर आने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दी लेकिन इसके बावजूद भी वो मेढ़क पानी से भरे उस बर्तन से बाहर नहीं निकल पाया,

क्योंकि उस मेढ़क ने अपनी सारी ताकत अपने आप को उस पानी के तापमान के अनुसार ढालने में बेकार कर दी,और अन्त में परिणाम वही हुआ जो होना था|

कुछ ही देर में उस गरम पानी ने मेढ़क के प्राण ले लिए|इसके बाद उस आदमी ने अपने बच्चे से पूछा की बताओ मेढ़क के प्राण किसने लिए ? तब पहले उस लड़के ने कहा की मेढ़क के प्राण गरम पानी ने लिया और कुछ देर बाद उसने कहा की मेढ़क के प्राण आग ने लिए|

तब उस आदमी ने अपने बच्चे को बताया की उस मेढ़क की जान गरम पानी ने नहीं ली|उसने अपने बच्चे को बताया की उस मेढ़क के प्राण उसकी खुद की सोच ने ली हैं|



क्योंकि जिस समय उस मेढ़क को छलांग कर पानी से बाहर आ जाना चाहिए था, उस समय वह मेढ़क अपने शरीर को उस तापमान के अनुकूल बनाने में लगा हुआ था और इस प्रयास में उसने अपनी सारी ताकत खो दी और कमजोर हो गया|जिसके कारण वह पानी से बाहर नहीं निकल पाया और उसके प्राण निकल गए|

वह आदमी अपने पुत्र को समझाता हैं कि हम सबके जीवन में भी यही होता हैं|

“हार और जीत हमारी सोच पर
निर्भर हैं मान लिया तो हार हैं,
ठान लिया तो जीत है

तब वह आदमी कहता हैं कि हम अपनी परिस्थितियों से हमेशा समझौता करने में लगे रहते हैं,परिस्थितियों से निकलने का प्रयास नहीं करते हैं|जब परिस्थितियाँ हमें बुरी तरह से घेर लेती हैं और हम पूर्ण रूप से फँस जाते हैं,तब हमें यह एहसास होता हैं कि काश हमने समय पर सही निर्णय लिया होता|

या यूं कहे की मेढ़क ने सही समय पर सही निर्णय लिया होता और बर्तन से छलांग लगा दी होती तो उसकी जान ना जाती|

कहने का मतलब यह हैं कि:-
सही समय पर सही निर्णय लेना ही जीवन जीने की कला हैं|



मंजिल इंसान के हौसले आजमाती हैं,

सपनों के परदे आँखों से हटाती हैं,

किसी भी हाल में हिम्मत ना हारना……

ठोकर ही इंसान को चलना सिखाती हैं|

दोस्तों ,आपको मेरा ये ‘सही समय पर निर्णय लेने’ का Article कैसा लगा| आप मुझे Comment के Through जरूर बताये और इसे Share और Like करना न भूले|

Thanks For Reading
Sanjana



यह भी पढ़े –

1.
2.
3.
4.
5.

हमारे अन्य ब्लॉग भी पढ़े –

Facebook     Twitter    Instagram

One thought on “समय और सही निर्णय का महत्त्व | Time Decision Motivational Story in Hindi.”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *