क्या कहा मोदी ने आज के अपने भाषण में? PM Modi today Lockdown Speech.

क्या कहा मोदी ने आज के अपने भाषण में PM Modi today Lockdown Speech.


मेरे प्यारे देशवासियों- नमस्कार, कोरोना वैश्विक महामारी के खिलाफ देशव्यापी लॉक डाउन को आज 9 दिन हो रहे हैं|  भारत देश की एकता सभी देशों के लिए एक मिसाल बनी-

इस दौरान आप सभी ने जिस प्रकार अनुशासन और सेवाभाव दोनों का परिचय दिया है, वो अभूतपूर्व है| शासन, प्रशासन और जनता जनार्दन ने मिलकर इस स्थिति को अच्छे ढंग से सम्भालने का पूर्ण प्रयास किया है|

आपने जिस प्रकार 22 मार्च को रविवार के दिन कोरोना के खिलाफ  लड़ाई लड़ने वाले हर किसी का धन्यावाद दिया, वो भी आज सभी देशों के लिए एक मिसाल बन गया है|

आज कई देश इसको दोहरा रहे हैं| जनता कर्फ्यू हो, घंटी बजाना हो या थाली बजाने का कार्यक्रम हो, इन्होंने इस चुनौती पूर्ण समय में देश को इसकी सामूहिक शक्ति का एहसास कराया हैं|

ये भाव प्रकट कराया हैं कि देश एक होकर कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ सकता है| अब लॉक डाउन के समय में, देश की, आप सभी की, ये सामूहिकता चरितार्थ होती नजर आ रहीं हैं|

क्या कहा मोदी ने आज के अपने भाषण में? PM Modi today Lockdown Speech.

कभी भी अपने आप को अकेला ना समझे-

साथियों, आज जब देश के करोड़ों लोग घरों में हैं, तब किसी को भी लग सकता हैं कि वो अकेला क्या करेगा, कुछ लोग ये भी सोच रहे होंगे कि इतनी बड़ी लड़ाई को वो अकेले कैसे लड़ पाएंगे??

ये प्रश्न भी मन में आते होंगे कि कितने दिन ऐसे और काटने पड़ेंगे?? साथियों ये लॉक डाउन का समय जरूर है, हम अपने-अपने घरों में जरूर है, लेकिन हम से कोई अकेला नहीं है|

130 करोड़ लोगों की सामूहिक शक्ति, हर व्यक्ति के साथ हैं, हर व्यक्ति का संबल है| समय-समय पर देशवासियों की इस शक्ति की विराठता, इसकी भव्यता और इसकी दिव्यता की अनुभूति करना आवश्यक है|

कोरोना से पैदा हुए अंधकार को उजाले की तरफ  उजागर करना है- साथियों हमारे यहाँ माना जाता है कि जनता जनार्दन ईश्वर का ही रूप होती हैं|

इसलिए जब देश इतनी बड़ी लड़ाई लड़ रहा हो, तो ऐसी लड़ाई में बार-बार जनता रूपी महाशक्ति का, विराठ स्वरुप का साक्षात करते रहने चाहिए|

ये साक्षात का हमें मनोबल देता है और उसकी प्राप्ति के लिए ऊर्जा भी देता है, हमारा मार्ग और अधिक स्पष्ट कर देता है|

साथियों कोरोना महामारी के अंधकार के बीच हमें निरंतर प्रकाश की ओर जाता हैं, जो इस  कोरोना संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं हमारे गरीब भाई-बहन उन्हें कोरोना संकट से पैदा हुई निराशा से आशा की तरफ ले जाना हैं|

इस कोरोना संकट से जो अंधकार और अनिश्चितता पैदा हुई हैं उसे समाप्त करके, हमें उजाले और निश्चितता की तरफ बढ़ना हैं|

5 अप्रैल को मोदी जी ने महाशक्ति के जागरण का किया एलान- इस अंधकार में कोरोना संकट को पराजित करने के लिए हमें प्रकाश के तेज को चारों दिशा में फैलना हैं|

इसलिए इस रविवार 5 अप्रैल को हम सबको मिलकर कोरोना के संकट के अंधकार को चुनौती देनी हैं| उसे प्रकाश की ताकत  से परिचित कराना हैं| इस 5 अप्रैल को हमें 130 करोड़ देशवासियों की महाशक्ति का जागरण करना हैं|


  1. 130 करोड़ देशवासियों के महासंकल्प को नई ऊँचाइयों पर ले जाना हैं|
  2. 5 अप्रैल रविवार को रात 9 बजे मैं आप सबके 9 मिनट चाहता हूं|
  3. 5 अप्रैल रविवार को रात के 9 बजे घर की सभी लाइटें को बंद करके, घर के दरवाजे पर या बाल्कनी में खड़े रहकर 9 मिनट के लिए मोमबत्ती, दीया, टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट जलायें|
  4. मैं फिर कहूँगा कि मोमबत्ती, दीया, टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट, 5 अप्रैल को रात को 9 बजे, 9 मिनट तक जरूर जलायें और अगर उस समय घर की सभी लाइटें बंद करेंगे, चारों तरफ जब हर व्यक्ति एक-एक दीया जलायेगा|
  5. तब प्रकाश की उस महाशक्ति का एहसास होगा, जिसमें एक ही मकसद हैं कि हम सब एक ही लग रहे हैं, ये उजागर होगा|
  6. उस प्रकाश में, उस रोशनी में, उस उजाले में, हम अपने मन में, ये संकल्प करें कि हम अकेले नहीं है, कोई भी अकेले नहीं है|

130 करोड़ देशवासी एक ही संकल्प के साथ, कृतसंकल्प है|

इस आयोजन में Social Distancing का अहम ध्यान रखना हैं-

  1. साथियों मेरी एक और प्रार्थना है कि इस आयोजन के समय किसी को भी, कहीं पर भी इकट्ठा नहीं होना हैं|
  2. रास्तों में, गलियों में और मोहल्ले में नहीं जाना है| अपने घर के दरवाजे या बालकनी से ही इसे करना है|
  3. “Social Distancing” की लक्ष्मण रेखा को कभी भी लांघना नहीं है|
  4. “Social Distancing” को किसी भी हालत में तोड़ना नहीं है|
  5. कोरोना की चैन तोड़ने का यहीं रामबाण है| इसलिए 5 अप्रैल रविवार को रात 9 बजे कुछ पल अकेले बैठकर माँ भारती का स्मरण कीजिए|
  6. 130 करोड़ देशवासियों के चेहरों की कल्पना कीजिए|
  7. 130 करोड़ देशवासियों की सामूहिकता की इस महाशक्ति का एहसास कीजिए| ये हमें संकट के इस घड़ी से लड़ने की ताकत देगा और जीतने का आत्मविश्वास भी देगा|

आत्मविश्वास और उत्साह से बढ़कर कोई बल नहीं हैं- हमारे यहां ये कहा गया है कि हमारी उत्साह, हमारी स्पिरिट से बढ़कर के दुनिया में कोई फोर्स नहीं होता हैं|

दुनिया में ऐसा कुछ भी नहीं हैं जो हम इस ताकत से हासिल ना कर पाए| आइए साथ आकर, साथ मिलकर कोरोना को हराए, भारत को विजय बनाए|

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Sanjana


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