तारिणी, सागर परिक्रमा अभियान| Tarini Navika Sagar Parikrama in Hindi.

INSV तारिणी नाविका

 


  INSV तारिणी || नाविका सागर परिक्रमा || Hindi Article


 



INSV तारिणीनाविका सागर परिक्रमा

 

INSV Tarini/INSV तारिणी

INSV Tarini भारतीय नौसेना का दूसरा सेलबोट है जिसे गोवा में स्थित Aquarius Shipyard में बनाया गया था और 18 फरवरी 2017 को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया था | इस सेलबोट का नाम तारा तारिणी मंदिर (उड़ीशा में  ) के नाम पर INSV तारिणी रखा गया था| 

देश की 6 बहादुर बेटियों के नाम नाविका सागर परिक्रमा
Navika Sagar Parikrma/नाविका सागर परिक्रमा-नाविका सागर परिक्रमा भारतीय महिला नौसेना अधिकारियों द्वारा INSV तारिणी दुनिया भर का नेविगेशन के लिया किया गया अभियान है | इस अभियान से ये 6 भारतीय महिला नौसेना अधिकारियों थी|


उत्तराखंड की लेफ़्टीनेंट कमांडर वर्तिका जोशी , कुल्लू की लेफ़्टीनेंट कमांडर प्रतिभा जामवाल , आंध्र प्रदेश की लेफ़्टीनेंट कमांडर  स्वाती पी, मणिपुर की लेफ्टीनेंट कमांडर  विजया देवी, तेलंगाना की रहने वाली लेफ़्टीनेंट बी. ऐश्वर्या , देहरादून की रहने वाली लेफ़्टीनेंट पायल गुप्ता ,

देहरादून उत्तराखंड की बेटी लेफ्टीनेंट कमांडर वर्तिका जोशी नौसेना के विश्व भ्रमण दल की कमान संभल रखी थी | 10 सितम्बर को यह रवाना हुई और इनके साथ 5 नेवी महिला अफसर  भी गयी | रक्षा मंत्री निर्मला सीतारामन ने रविवार को गोवा में नाविका सागर परिक्रमा मिशन को हरी झंडी देकर रवाना किया | और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने फ़ोन पर वर्तिका जोशी को इस मिशन के लिए शुभकामनाए दी|




यह देश की 6 बहादुर बेटियाँ इस पुरे मिशन का हिस्सा थी | इन महान 6 लेडी ऑफिसर  ने 254 दिनों में तीन महासागर , चार महाद्धीप और पांचो देशो का चक्कर लगाए | इन्हीं में से एक वर्तिका जोशी की कहानी आपको बहुत प्रेरित करेगी –

वर्तिका जोशी

उत्तराखंड के पौड़ी की रहने वाली लेफ्टीनेंट कमांडर वर्तिका जोशी ने इस पूरे मिशन को लीड किया|लेफ़्टीनेंट कमांडर वर्तिका जोशी का जन्म देहरादून , उत्तराखंड में 1991 में हुआ था | लेफ़्टीनेंट कमांडर वर्तिका जोशी की स्कूल शिक्षा श्रीनगर ,गढ़वाल और ऋषिकेष से हुई थी | उन्होंने एमिटी यूनिवर्सिटी से एरोस्पेस इंजीनियरिंग में बीटेक (btec) ,नोएडा  किया हैं |

वर्तिका जोशी के माता-पिता

वर्तिका जोशी के पिता का नाम  पीके जोशी हैं, जो गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर के शिक्षा विभाग के प्रोफेसर हैं , और इनकी माता का नाम  अल्पना जोशी हैं , जोकि राजकीय महाविद्यालय ऋषिकेष में हिंदी विभाग की अध्यक्ष हैं |वर्तिका जोशी के माता पिता ने शुरू से ही इनका हर चीज में सहयोग किया हैं और उनपर किसी प्रकार का दबाव  नहीं दिया हैं |

वर्तिका जोशी अपने फ़र्ज़ से पीछे नहीं हुई

हाल ही में वर्तिका जोशी और उनकी पांच सहयोगी लेडीज ऑफिसर कौन बनेगा करोड़पति में आयी थी , जब वह अपने परिवार के पास कुछ समय बिताने आयी थी ,तभी उनको पता चला था  कि उनकी माता जी को कैंसर की बीमारी हैं , और ठीक कुछ दिन बाद ही वर्तिका जोशी को अपने सागर परिकर्मा करने के लिए जाना था,


तभी उनकी माता जी ने उनका पूरा सहयोग दिया और उनको समझाया ओर कहा की बेटी तुम जाओ और अपने लक्ष्य पर ध्यान दो | ठीक वर्तिका जोशी ने वैसा किया भी और वह अपने सागर परिक्रमा के लिए गयी , लेकिन उनके मन में यह घूम रही थी कि जब वह इस लक्ष्य को पूरा करके अपने घर लौटेंगी तो वह अपने माता जी से मिल भी पाएंगी की नहीं |

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2 thoughts on “तारिणी, सागर परिक्रमा अभियान| Tarini Navika Sagar Parikrama in Hindi.”

  1. Really very nice article nd Salute that brave Indian girl nd u write many many article which help to other for knowledge

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