लॉकडाउन में किसी गरीब की सैलरी ना रोके| Motivational Lockdown Family Story in Hindi.

लॉकडाउन में किसी गरीब की सैलरी ना रोके Motivational Lockdown Family Story in Hindi.
लॉकडाउन में किसी गरीब की सैलरी ना रोके Motivational Lockdown Family Story in Hindi.
लॉकडाउन में किसी गरीब की सैलरी ना रोके Motivational Lockdown Family Story in Hindi.

कोरोना वायरस के कारण पूरा देश एक ही जंग लड़ने में लगा हुआ हैं| इस जंग में सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों को ही रहीं हैं, जो लोग अपने शहर से दूसरे शहर कमाने के लिए आए थे और लॉक डाउन के कारण ना वो उस शहर के रहे और ना ही अपने शहर के| दोस्तों हमारा आज का आर्टिकल लॉक डाउन के कारण किसी गरीब की सैलरी को ना रोके पर हैं| तो आइए दोस्तों हमारे आज के इस आर्टिकल को पढ़ते हैं-

लॉक डाउन से पहले कुछ सोसाइटीज में लिए गए निर्णय-

दोस्तों यह छोटी सी कहानी लॉक डाउन के समय की हैं| लॉक डाउन घोषित होने से पहले कुछ सोसाइटीज में नौकरों का, खाना बनाने वालों का आना बंद कर दिया गया था| दिल्ली एनसीआर के पास में एक मॉडर्न सोसाइटी में एक पति-पत्नी का जोड़ा अपने बच्चों के साथ रहता था| मार्च के महीने में जब कोरोना वायरस का खतरा पूरे भारत में बढ़ रहा था, तो उनकी सोसाइटी में भी नौकरों का आना बंद कर दिया गया था|

पति अपने नौकरों को सैलरी नहीं देना चाहता था-

एक दिन नास्ते के समय पति-पत्नि आपस में बातचीत कर रहे थे| पति ने बोला कि मुझे लगता हैं कि हमने अपनी नौकरानी का और अपनी कुक का आना तो बंद कर दिया हैं, इसलिए हमें उनका पैसा रोक देना चाहिए| इस महीने हमें इन्हें उतना ही पैसा देना चाहिए, जितना उन्होंने इस महीने काम किया| तब पत्नी ने बोला कि आपका सुझाव सही नहीं हैं, हमें ऐसा नहीं करना चाहिए| इसके बाद पति खिनखिनाने लगा और अपने नौकरों की कमी निकालने लगा| वह अपनी पत्नी को समझाने लगा कि हमें अपने नौकरों की सैलरी काट लेनी चाहिए| Motivational Lockdown Family Story in Hindi.

उनकी सैलरी के कारण पति-पत्नी में झगड़ा हो गया-

ये दोनों पति और पत्नी अपने कुक और नौकरानी को अच्छी तनखा दे रहे थे क्योंकि वह खुद अच्छा कमा रहे थे, इसलिए अच्छी सैलरी दे रहे थे| लेकिन पति के ख्याल बदल गए थे और वह अपने पत्नी से झगड़ा करने लगा| इसके बाद दो-तीन दिन तक उन दोनों में बात भी नहीं हुई| इसके बाद हमारे देश के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देश में लॉक डाउन घोषित कर दिया| लॉक डाउन घोषित हुआ तो पता चला कि लॉक डाउन 14 अप्रैल तक रहेगा|

वह बार-बार अपनी पत्नी को उनकी सैलरी काटने के लिए कहता-

पति ने अपनी पत्नी से फिर से कहा कि अब तो लॉक डाउन 14 अप्रैल तक रहेगा| अब तो हमें उन्हें ना अप्रैल की तनखा देनी चाहिए और ना ही मार्च की, हमें उनके पैसे रोक लेने चाहिए| पत्नी हमेशा इस बात का विरोध करती रहती, लेकिन पति उसकी बात को समझ ही नहीं पा रहा था| ये मामला चलते-चलते 14 अप्रैल तक चला आया| लॉक डाउन जो पहला वाला था, वो खत्म हो गया और लॉक डाउन 2.0 घोषित हुआ, जो कि 3 मई तक रहेगा| जब इस लॉक डाउन 2.0 की बात सामने आई तो कुछ कंपनियों ने अपने वर्कर्स के लिए कुछ फैसले लिए|

जिस कम्पनी में वह काम कर रहे थे, उस कम्पनी ने इनकी सैलरी 25 प्रतिशत काटने का निर्णय लिया-

जिस कम्पनी में ये पति-पत्नी काम कर रहे थे, उस कम्पनी से उनके पास एक मेल आया| जिसमें लिखा था कि पहले क्वार्टर की 25 प्रतिशत सैलरी आपकी रोक ली जाएगी| काटी नहीं जाएगी, सिर्फ रोक ली जाएगी| क्योंकि इस महीने कोई बिजनेस नहीं हुआ हैं, इसलिए कम्पनी आपकी 25 प्रतिशत सैलरी रोक रहीं हैं| जब कम्पनी फिर से प्रॉफिट में आ जाएगी, तो फिर से आपको 25 प्रतिशत पैसा लौटा दिया जाएगा| जैसे ही यह मेल पति ने देखा तो उसे उस कुक और उस नौकरानी का चेहरा याद आया|

पति को अपनी गलती का एहसास हो गया-

पता नहीं कैसे इनके आँखों में आंसू आ गए और वह रोने लगे| पति चुपचाप से एक कोने में गया और अपनी पत्नी को बिना बताए अपने कुक और नौकरानी को कॉल लगाया और कहा कि मैं आपके सारे पैसे दे दूँगा| मैं आपकी अप्रैल की सैलरी भी दे दूँगा, मई की सैलरी भी दे दूँगा, बस आप चिंता मत कीजिए| यह सारी बातें उसकी पत्नी चुपके से सुन रहीं थीं| वह अपने पति के पास गयी और कहने लगी मैंने तो आपको पहले ही कहा था कि हमें इनके पैसे नहीं रोकने चाहिए|

जब खुद पर बीतती हैं, तब गलती का एहसास होता हैं-

जब इनके साथ ऐसी बीती, जब इनकी 25 प्रतिशत सैलरी रोकने की बात आयी| जबकि वह लाखों में कमा रहे थे, तब इन्हें उस गरीब का दर्द समझ में आया, जो हजारों में कमा रहा था|

इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती हैं-

दोस्तों हम आपको इस छोटी सी कहानी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि अगर आपको भगवान ने सक्षम बनाया हैं, आपको इस लायक बनाया हैं कि आप किसी की मदद कर सके| तो प्लीज मदद कीजिए और अगर आप मदद नहीं कर सकते हैं, तो आपके घर में जो नौकर काम कर रहे हैं, कम से कम उनकी तनखा मत काटिए|

दोस्तों, ‘आपको हमारा यह आर्टिकल हर लॉकडाउन में किसी गरीब की सैलरी ना रोके| Motivational Lockdown Family Story in Hindi. कैसा लगा आप हमें कमेंट करके बताए और हमारे इस आर्टिकल को शेयर और लाइक करना ना भूले|

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Sanjana

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