सम्पूर्ण भारत बन्द मोदी भाषण| Modi talks all over India Lockdown.

सम्पूर्ण भारत बन्द मोदी भाषण| Modi talks all over India Lockdown.

22 मार्च को जनता कर्फ्यू का संकल्प जो हम सब ने मिलकर लिया था|  एक राष्ट्र के नाते, उसकी सिद्धी के लिए हर भारतवासी ने पूरी संवेदनाशीलता  के साथ, पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना योगदान दिया| बच्चे, बुजुर्ग, छोटे, बड़े, गरीब, मध्यम हर वर्ग के लोग हर कोई परीक्षा की इस घड़ी में साथ आ गया| जनता कर्फ्यू हर भारतवासी ने सफल बनाया, एक दिन के जनता कर्फ्यू से भारत ने दिखा दिया कि जब देश पर संकट आता हैं, जब मानवता पर संकट आता हैं तो किस प्रकार से हम सभी भारतीय मिलकर के एक-जुट होकर उसका मुकाबला करते हैं|

आप सभी जनता कर्फ्यू की सफलता के लिए प्रसन्नता के पात्र हैं| कोरोना से अच्छे से अच्छे देश ने भी हार मान ली हैं- साथियों आप कोरोना वायरस महामारी, उस पर पूरी दुनिया की स्थिति को समाचारों के माध्यम से सुन भी रहें और देख भी रहें हैं|

आप ये भी देख रहे हैं कि दुनिया के अच्छे से अच्छे देशों को भी कैसे इस महामारी ने बिल्कुल बेबस कर दिया हैं| ऐसा नहीं हैं कि ये देश प्रयास नहीं कर रहे हैं या उनके पास संसाधनों की कमी हैं, लेकिन कोरोना वायरस इतनी तेजी से फैल रहा हैं कि तमाम तैयारियाँ और प्रयासों के बावजूद, इन देशों में चुनौतियाँ बढ़ती ही जा रहीं हैं|

कोरोना वायरस से लड़ने का सिर्फ एक ही रास्ता दिखाई दे रहा हैं- इन सभी देशों के 2 महीने की पूरी जानकारी निकालने के बाद जो निष्कर्ष निकल रहा हैं और एक्सपर्ट भी यही कह रहे हैं कि इस महामारी कोरोना वायरस से प्रभावी मुकाबले के लिए एकमात्र विकल्प हैं “सोशल डिसटेंसिंग” (Social Distancing) यानि कि एक-दूसरे से दूर रहना, अपने घरों में ही बंद रहना|

कोरोना से बचने का इसका अलावा कोई दूसरा तरीका नहीं हैं, कोई रास्ता नहीं हैं|

कोरोना को फैलने से रोकना हैं, तो उसके संक्रमण की जो साइकिल हैं, उस साइकिल को तोड़ना ही होगा|

कुछ लोग इस गलतफहमी में हैं कि  “सोशल डिसटेंसिंग” (Social Distancing) केवल बीमार लोगों के आवश्यक हैं|

ये सोचना सही नहीं हैं,  “सोशल डिसटेंसिंग” (Social Distancing) हर नागरिक, हर परिवार, परिवार के हर सदस्य के लिए हैं, यहां तक कि प्रधानमंत्री के लिए भी हैं| 

कुछ बेवकूफ लोगों की वजह से भारत को बहुत बड़ा नुकसान हो सकता हैं-

कुछ लोगों की लापरवाही, कुछ लोगों की गलत सोच आपको, आपके परिवार को, आपके बच्चों को, आपके माता-पिता, आपके रिश्तेदारों को, आपके दोस्तों को और आगे चलकर पूरे देश को बहुत बड़ी मुश्किल में झोंक देगी| 

अगर ऐसी लापरवाही जारी रही, तो भारत को इसकी बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती हैं और ये कीमत कितनी चुकानी पड़ेगी, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल हैं|

मोदी जी 21 दिनों तक  लॉक डाउन करने का बहुत निर्णय लिया हैं- साथियों पिछले दो दिनों से देश के अनेक भागों में लॉकडाउन कर दिया गया| राज्य सरकारों के इस प्रयासों को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए|

हेल्थ एक्सपर्ट और अन्य देश के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए| देश एक महत्वपूर्ण निर्णय करने जा रहा हैं| 25 मार्च रात 12 बजे से पूरे सम्पूर्ण देश में लॉकडाउन होने जा रहा हैं| हिंदुस्तान को बचाने के लिए, हिंदुस्तान के नागरिक को बचाने के लिए, आपको बचाने के लिए, आपके परिवार को बचाने के लिए  घरों से निकलने पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई जा रहीं हैं|

देश के हर राज्यों को, हर केंद्रशासित प्रदेश को, हर जिले, हर गाँव, हर कस्बे, हर गली, हर मौहल्ले को अब लॉकडाउन किया जा रहा हैं| ये एक तरह से कर्फ्यू ही हैं, जनता कर्फ्यू से एक कदम आगे की बात, जनता कर्फ्यू से जरा ज्यादा सख्त कोरोना महामारी के खिलाफ यह कदम उठाना अब बहुत ही जरूरी हो गया हैं|

निश्चित रूप से इस लॉक डाउन की आर्थिक कीमत देश को अब उठानी ही पड़ेगी, लेकिन एक-एक भारतीय को बचाना, आपके जीवन को बचाना, आपके परिवार को बचाना इस समय मेरी भारत सरकार की, देश के राज्य सरकार की, हर स्थानीय निकाय की सबसे बड़ी प्राथमिकता हैं और इसलिए मेरी आपसे प्रार्थना हैं|

मैं आप सभी से हाथ जोड़कर प्रार्थना करता हूं कि आप इस समय देश में जहां भी हैं वहीं रहें, अभी के हालात को देखते हुए, देश में ये लॉक डाउन 21 दिन का रहेगा, यानि कि तीन सप्ताह का रहेगा|

साथियों जब हमनें पिछली बार बात की थी, तब मैंने आपसे कहा था कि मुझे कुछ सप्ताह मांगने के लिए आया| यह आने वाले 21 दिन हर नागरिक, हर परिवार के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं|

कोरोना की साइकिल को तोड़ना बहुत ही जरूरी हैं-

हेल्थ एक्सपर्ट की माने तो दुनिया भर के संक्रमण साइकिल तोड़ने के लिए कम से कम 21 दिन का समय बहुत अहम हैं| अगर ये 21 दिन नहीं सम्भलें तो देश और आपका परिवार 21 साल पीछे चला जाएगा| अगर ये 21 दिन नहीं सम्भलें तो कई परिवार हमेशा-हमेशा के लिए तबाह हो जाएगा और मैं ये बात एक प्रधानमंत्री के तौर पर नहीं, बल्कि आपके परिवार के सदस्य होने के नाते से कह रहा हूं|

इसलिए बाहर निकलना क्या होता हैं???? यह बात 21 दिनों के लिए भूल जाइए…….. घर में रहे, घर में रहे और एक काम करे कि अपने घर में रहे……..! साथियों आज के फैसले ने देशव्यापी लॉक डाउन ने आपके घर के दरवाजे पर एक लक्ष्मण रेखा खीच दी गयी हैं|

आपको यह याद रखना हैं कि घर से बाहर पड़ने वाला आपका सिर्फ एक कदम कारोना जैसी गम्भीर महामारी को आपके घर में ले आ सकता हैं|

कोरोना को पहचानना बहुत मुश्किल हैं-

आपको यह याद रखना हैं कि कई बार कारोना से संक्रमित व्यक्ति शुरुआत में बिल्कुल स्वास्थ्य लगता हैं, वो संक्रमित है इसका बिल्कुल भी पता नहीं चलता और इसलिए सावधानी बरकिए, अपने घरों में रहिए|

वैसे जो लोग घर में हैं, वो सोशल मीडिया पर नये-नये 

तरीकों से बहुत innovative तरीके से इस बात को बता रहे हैं| एक बेनर जो मुझे भी पसंद आया, मैं आपको भी यह बहुत कम शब्दों में बताना चाहता हूँ कि कोरोना यानि 

को – कोई

रो – रोड़ पर

ना – ना निकले…

साथियों एक्सपर्ट का ये भी कहना है कि आज अगर किसी भी व्यक्ति में कोरोना वायरस पहुँचता है तो उसके शरीर में इसके लक्षण दिखने में  कई-कई दिन लग जाते हैं| इस दौरान वो जाने-अनजाने में हर उस व्यक्ति को संक्रमित कर देता है, जो उसके संपर्क में आता है| World Health Organisation (WHO) की रिपोर्ट बताती है कि इस महामारी से संक्रमित एक व्यक्ति, सुनिए एक व्यक्ति सिर्फ हफ्ते-दस दिन में सैंकड़ों लोगों तक इस बीमारी को पहुँचा सकता है, यानि ये आग की तरह तेजी से फैलता है|

दुनिया में कोरोना वायरस कितनी तेजी से फैल रहा हैं-

World Health Organisation (WHO) का ही एक और आंकड़ा बहुत महत्वपूर्ण है| साथियों दुनिया में कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति की संख्या को पहले एक लाख तक पहुँचने में Sixty seven days   (सड़सठ दिन) यानि एक लाख तक पहुँचने में सड़सठ दिन, उसके बाद सिर्फ ग्यारह दिन में, सिर्फ ग्यारह दिन में ही एक लाख नए लोग संक्रमित हो गए, यानि दो लाख हो गए|

सोचिए, पहले एक लाख लोग संक्रमित होने में सड़सठ दिन लगे और फिर इसे दो लाख लोगों में पहुँचने में सिर्फ ग्यारह दिन लगे| ये और भी भयानक है कि दो लाख संक्रमित लोगों से तीन लाख लोगों तक, ये बीमारी पहुँचने में  सिर्फ 4 दिन लगे, आप अंदाजा लगा सकते हैं कि कोरोना वायरस कितनी तेजी से फैलता है और जब यह फैलना शुरू करता है तो इसे रोकना बहुत मुश्किल होता है|

कोरोना वायरस के कहर से कई देश हो चुके हैं बेकाबू-

साथियों यहीं वजह है कि चीन, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, इटली, ईरान जैसे अनेक देशों में जब कोरोना वायरस ने फैलना शुरू किया तो हालात बेकाबू हो गए और ये भी याद रखिए इटली हो या अमेरिका, इन देशों की स्वास्थ्य सेवा, उनके हॉस्पिटल, उनके यहाँ आधुनिक संसाधन पूरी दुनिया में बेहतरीन है| उनकी व्यवस्था बेहतरीन मानी जाती है, बावजूद इसके देश में कोरोना का प्रभाव कम नहीं कर पाए|

मोदी जी के जनता से कुछ महत्वपूर्ण सवाल-

  1. सवाल ये है कि इस स्थिति में उम्मीद की किरण कहाँ हैं?
  2. उपाय क्या है?
  3. विकल्प क्या है?

साथियों कोरोना से निपटने के लिए उम्मीद की किरण उन देशों से मिले अनुभव है, जो कोरोना को कुछ हद तक नियंत्रित कर पाए| 

हफ्तों तक इन देशों के नागरिक घरों से बाहर नहीं निकले| इन देशों के नागरिकों ने शत-प्रतिशत 100 पर्सेन्ट सरकारी निर्देशों का पालन किया और इसलिए यह कुछ देश अब इस महामारी से बाहर आने की ओर बढ़ रहे हैं| हमें भी यह मानकर चलना चाहिए कि हमारे सामने सिर्फ और सिर्फ यहीं एक मार्ग है कि हमें घर से बाहर नहीं निकालना है|

चाहे जो हो जाए, घर में ही रहना है| Social Distancing ही कोरोना का एकमात्र सफल उपाय हैं- Social distancing ही प्रधानमंत्री से लेकर गांव के छोटे से नागरिक को कोरोना से तभी बचाया जा सकता है, जब घर की लक्ष्मण रेखा ना लांगी जाए| हमें इस महामारी के वायरस का संक्रमण रोकना है, फैलने की चेन को रोकना है|

साथियों भारत आज उस स्टेज पर हैं, जहाँ हमारे आज के एक्शन तय करेंगे कि इस बड़ी आपदा के प्रभाव को हम कितना कम कर सकते हैं| यह समय हमारे संकल्प को बार-बार मजबूत करने का हैं| यह समय कदम-कदम पर संयम बरतने का हैं| आपको याद रखना है कि “जान है तो जहान है”.. साथियों ये धैर्य और अनुशासन की घड़ी है| जब तक देश में लॉक डाउन की स्थिति हैं, हमें अपना संकल्प निभाना हैं, अपना वचन निभाना हैं| 

महामारी के इस समय में उन लोगों के लिए प्रार्थना करे, जो आपके लिए अपनी जान को खतरे मे डाले हुए हैं-

मेरी आपसे हाथ जोड़कर के प्रार्थना हैं कि घरों में रहते हुए ही आप उन लोगों के बारे में सोचिए, उनके लिए मंगल कामना कीजिए, जो अपना कर्तव्य निभाने के लिए, खुद को खतरे में डालकर काम कर रहे हैं| उन डॉक्टर्स, उन नर्सेज, पेरामेडिकल स्टाफ, पेथोलोजिस्ट, उनके बारे में सोचिए, जो इस महामारी से एक-एक जीवन बचाने के लिए दिन-रात अस्पताल में काम कर रहे हैं|

अस्पताल प्रशासन के लोग, एम्बुलेंस चलाने वाले ड्राइवर, वॉर्ड बॉय, उन सफाई कर्मचारियों के बारे में सोचिए, जो इन कठिन परिस्थितियों में दूसरों की सेवा कर रहे हैं| आप उन लोगों के लिए प्रार्थना कीजिए, जो आपकी सोसाइटी, आपके मोहल्लों, आपकी सड़कों, सार्वजनिक स्थानों को सेनिटाइज करने के काम में जुटे हुए हैं| 

जिसके कारण इस वायरस का नामो निशान ना रहे, आपको सही जानकारी देने के लिए 24 घंटे काम कर रहे, मीडिया के लोगों के बारे में भी सोचिए| जो संक्रमण का खतरा उठाकर सड़कों पर, अस्पतालों में, आप अपने आस-पास के पुलिसकर्मियों के बारे में सोचिए, जो अपने घर परिवार की चिंता किए बिना, आपको बचाने के लिए, आपके परिवार वालों को बचाने के लिए दिन-रात ड्यूटी कर रहे हैं और कई बार कुछ लोगों के गुस्ताखें के भी शिकार हो जाते हैं, गुस्सा भी झेल रहे हैं| 

मोदी जी ने गरीबों को दिया आसवासन-

साथियों कोरोना वैश्विक महामारी की स्थिति के बीच केंद्र और देश भर के राज्य सरकारें तेजी से काम कर रहे हैं| रोज-मरा की जिंदगी में लोगों को असुविधा ना हो, इसका लिए निरंतर प्रयास कर रही है| सभी आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई बने रहे, इसके लिए सभी उपाय किये गये हैं और आगे भी किये जाएंगे| 

निश्चित तौर पर संकट की ये घड़ी गरीबों के लिए बहुत मुश्किल वक्त लेकर आए हैं| केंद्र सरकार, राज्य सरकारों के साथ समाज के अन्य संघटन, सिविल सोसाइटी के लोग, गरीबों को मुसीबत कम हो इसके लिए निरंतर में जुटे हुए हैं| गरीबों की मदद के लिये अनेकों लोग साथ आ रहा है|

साथियों जीवन जीने के लिए जो जरूरी है, उसके लिए सारे प्रयासों के साथ ही जीवन बचाने के लिए जो जरूरी है, उसे सर्वोच्च प्राथमिकता देनी ही पड़ेगी| इस वैश्विक महामारी से मुकाबला करने के लिए, देश की स्वास्थ्य सुविधाओं को तैयार करने का काम केंद्र सरकार लगातर कर रही हैं|

मोदी जी का कोरोना के मरीजों के प्रति हर संभव प्रयास-

विश्व स्वास्थ संघटन, भारत के बड़े चिकित्सा अनुसंधान संस्थानों तथा स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह और सुझाव पर कार्य करते हुए, सरकार ने निरंतर फैसले भी लिये हैं| अब कोरोना के मरीजों के लिए, देश के Health Infrastructure को और मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने आज 15 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है| इससे कोरोना से जुड़ी Testing facilities, Personal protective equipment, Isolation ward, ICU Beds, Ventilators और अन्य जरूरी साधनों की संख्या तेजी से बढ़ाई जाएगी|

साथ ही मेडिकल और पेरामेडिकल मैनपावर की ट्रेनिंग का काम किया जाएगा| मेंने राज्य सरकारों से अनुरोध किया है कि इस समय सभी राज्यों की पहली प्राथमिकता सिर्फ और सिर्फ स्वास्थ्य सेवाएं ही होनी चाहिए| हेल्थकेयर ही प्राथमिकता होनी चाहिए| मुझे संतोष है कि देश का प्राइवेट सेक्टर भी पूरे तरह से कंधे से कंधा मिलाकर पूरी तरह इस संकट और संक्रमण के घड़ी में देशवासियों के साथ खड़ा है| प्राइवेट लैब्स, प्राइवेट अस्पतालों, सभी इस चुनौती पूर्ण दौर में सरकार के साथ काम करने के लिए आगे आ रहे हैं| लेकिन साथियों यह भी ध्यान रखिए कि ऐसे समय में जाने-अनजाने कई बार अफवाहें भी बहुत जोर पकड़ती है और अफवाहें की ट्रैवल करने की ताकत भी अधिक होती है| 

अफवाहों और अन्धविश्वासों से बचे-

मेरा आपसे आग्रह है कि किसी भी तरह की अफवाह और अन्धविश्वास से बचे| आपके द्वारा केंद्र सरकार, राज्य सरकार और मेडिकल फेसिलिटीज द्वारा दिए गए निर्देश और सुझावों का पालन करना बहुत जरूरी है| मेरी आपसे प्रार्थना हैं कि इस बीमारी के लक्षणों के दौरान बिना डॉक्टरों की सलाह के कोई भी दवा ना ले| किसी भी तरह का खिलवाड़ आपके जीवन को और खतरे में डाल सकता है| 

साथियों मुझे विश्वास है कि हर भारतीय इस संकट की घड़ी में सरकार के,  स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करेगा| 21 दिन का लॉक डाउन, लंबा समय है लेकिन आपके जीवन के लिए, आपके परिवार की रक्षा के लिए उतना ही महत्वपूर्ण है, हमारे लिए इतना ही महत्वपूर्ण है|

मोदी जी का जनता के प्रति विश्वास-

मुझे विश्वास है, हर हिन्दुस्तानी इस संकट का ना सिर्फ सफलता से मुकाबला करेगा, ब्लकि इस मुश्किल घड़ी से विजय होकर निकलेगा| आप अपना ध्यान रखिए अपनों का ध्यान रखिए और आत्मविश्वास के साथ कानून नियमों का पालन करते हुए, पूरी तरह संयम बरतते हुए, विजय का संकल्प करके हम सब इन बंधनों को  स्वीकार करे|

आप सब का बहुत-बहुत धन्यवाद