वेंटीलेटर के बारे में जानिये| Ventilator Help Coronavirus Patient in Hindi.

वेंटीलेटर को जीवन रक्षक क्यों कहा जाता हैं How Ventilator Help Coronavirus Patient in Hindi.

दोस्तो, भारत में कोरोना वायरस के केस बढ़ते ही जा रहे है| सरकार लगातर संक्रामक के तीसरे चरण यानि कम्यूनिटी ट्रांसमिशन को रोकने की कोशिश कर रही हैं, इसके लिए भारत में 21 दिन का लॉक डाउन भी किया गया है| इसके साथ मेडिकल उपकरणों की कमी को भी पूरा किया जा रहा है| वेंटीलेटर को जीवन रक्षक क्यों कहा जाता हैं| How Ventilator Help Coronavirus Patient in Hindi.

यह भी पढ़े – कोरोना वायरस का इलाज़ कब मिलेगा? Coronavirus Treatment and Vaccination in Hindi.

भारत में वेंटीलेटर (Ventilator) की व्यवस्था कैसे की जा रही है-

कोरोना वायरस की गंभीर मामले को देखते हुए वेंटीलेटर (Ventilator) की व्यवस्था भी की गयी हैं| स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड को 30 हजार वेंटीलेटर (Ventilator) तैयार करने का ऑर्डर दिया है| नोएडा की बहुत बड़े हेल्थ केयर में 10 हजार वेंटीलेटर (Ventilator) बनाने का ऑर्डर दिया गया है| इनकी आपूर्ति अप्रैल के दूसरे हफ्ते में होनी शुरू हो जाएगी|

इसके अलावा ऑटोमोबाइल निर्माताओं को भी वेंटीलेटर (Ventilator) बनाने को कहा गया है, वही स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश के विभिन्न अस्पतालों में मौजूद वेंटीलेटर (Ventilator) 14 हजार से ज्यादा Covid-19 मरीजों के लिए लगाए गए हैं| जिन मरीजों की हालत गंभीर होती है वेंटीलेटर (Ventilator) उनकी जान बचाने में मदद करता है| वेंटीलेटर (Ventilator) की जरूरत कब पड़ती हैं और आने वाले समय में भारत इसकी अपूर्ति के लिए कितना तैयार हैं?

यह भी पढ़े – कोरोना वायरस से जुड़े कुछ 5 सवाल| 5 important Question to Coronavirus. 

वेंटीलेटर को जीवन रक्षक क्यों कहा जाता हैं| How Ventilator Help Coronavirus Patient in Hindi

वेंटीलेटर (Ventilator) से मरीजों को क्या मदद मिलती है-

  1. वेंटीलेटर (Ventilator) एक ऐसी मशीन हैं, जो किसी मरीज को साँस लेने में मदद करती हैं|
  2. ये फेफड़ों में आक्सीजन डालती हैं और कार्बन डाई आक्साइड निकालती है|
  3. वेंटीलेटर (Ventilator) को लाइफ सेविंग मशीन भी कहा जाता हैं, क्योंकि यह उस समय इस्तेमाल किया जाता हैं| जब इंसान के फेफड़े काम करना कम कर देते है| और इसे सर्जरी से पहले भी इस्तेमाल किया जा सकता हैं|
  4. वेंटीलेटर (Ventilator) मशीन में एक ट्यूब जुड़ी हुई होती हैं| जिसे मरीज के मुँह, नाक या गले में छोटे से कट के द्वारा उसके शरीर में डाला जाता हैं|

यह भी पढ़े – कोरोना वायरस अफवाह और इनका हल| Coronavirus covid19 rumours in Hindi.

आखिरी स्टेज में वेंटीलेटर (Ventilator) का प्रयोग किया जाता है- Covid-19 के इलाज में तकरीबन 5 फीसदी मरीज को ही क्रिटिकल केयर की जरूरत पड़ती हैं| ऐसे लोगों को उपचार के लिए आईसीयू में भर्ती किया जाता हैं| स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक Covid-19 के 80 प्रतिशत मरीज अस्पताल में बिना इलाज के ठीक हो जाते हैं| लेकिन 6 मरीज में से 1 गम्भीर रूप से बीमार हो जाता हैं और उसे साँस लेने में बहुत दिक्कत आती हैं|

कोरोना वायरस फेफड़ों को कैसे हानि पहुँचाता है-

  • कोरोना वायरस के संक्रमण के गम्भीर मामलों में वायरस फेफड़ों को नुकशान पहुंचाने लगता हैं| 
  • इंसान के फेफड़े शरीर में वो जगह हैं जहां से ऑक्सीजन शरीर में पहुंचना शुरू होती हैं और कार्बन डाई आक्साइड शरीर से बाहर निकल जाती हैं| 
  • अगर ये वायरस आपके मुँह से होते हुए साँस की नली में प्रवेश करते हैं और फिर आपके फेफड़ों में पहुंचते हैं| 
  • तो आपके फेफड़े में छोटे-छोटे वायु संप्रदाय बना देती है| कोरोना के बनाये गये छोटे-छोटे वायु संप्रदाय में पानी जमने लगता है| इस कारण साँस लेने में तकलीफ होती हैं और आप लंबी साँस नहीं ले पाते हैं|

इस स्टेज में मरीज को वेंटीलेटर (Ventilator)  की जरूरत पड़ती है| ऐसे में वेंटीलेटर (Ventilator) फेफड़ों में ऑक्सीजन पहुँचाने का काम करता हैं| वेंटीलेटर (Ventilator) में Humidifier  भी होता हैं, जो हवा में गरमाहट और नमी पैदा करता हैं| जिससे शरीर का तापमान सामान्य बना रहता हैं|

यह भी पढ़े – यात्रा के दौरान कोरोना वायरस से बचने के उपाय| Coronavirus Safety Travel.

कोरोना वायरस को केटेगरी में बाँटा जा सकता है-

Indian Society of Critical Care Medicine के अध्यक्ष डॉक्टर ध्रुव चौधरी बताते हैं कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की तीन केटेगरी मान सकते हैं-

  1. पहले केटेगरी में मरीज को हल्के-फुल्के लक्षण जैसे झुकाम होता है| इसमे उस मरीज को घर पर ही क्वारनटीन रहने की सलाह दी जाती हैं| अस्पताल में एडमिट होने की कोई जरूरत नहीं होती हैं|
  2. दूसरे केटेगरी में तेज बुखार और साँस लेने में परेशानी होती हैं| तब मरीज को अस्पताल में एडमिट करने की नौबत आ जाती हैं| उसे अस्पताल में एडमिट किया जाता हैं और ऑक्सीजन दिया जाता हैं|
  3. तीसरे केटेगरी में मरीजों को फेफड़ों में नुकसान हो जाता हैं| इससे शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने की फेफड़ों की क्षमता बहुत कम हो जाती हैं| यह मल्टी ऑर्गन फेलयर की स्थिति होती है| इसलिए मरीज को वेंटीलेटर(Ventilator) की जरूरत पड़ती हैं| तब यह मशीन एक तरह से फेफड़ों का काम करती हैं|

यह भी पढ़े – कोराना वायरस क्या हैं? What is Novel Coronavirus ( nCoV ) in Hindi?

भारत में वेंटीलेटर (Ventilator) की मात्रा अभी पर्याप्त हैं-

Indian Society of Critical Care Medicine के महासचिव डॉक्टर श्री निवास समावेतम बताते हैं कि भारत में सरकारी या प्राइवेट अस्पतालों में इस समय 80 हजार से एक लाख तक वेंटीलेटर (Ventilator) हैं| डॉ श्री निवास का कहना है कि अगर इटली, सऊदी अरब के तरह यहाँ भी रफ्तार तेजी से बड़ी तो मौजूदा वेंटीलेटर (Ventilator)  की संख्या कम पड़ सकती हैं|

लेकिन भारत में ऐसा अभी कुछ नहीं लग रहा हैं| अभी जो आँकड़ा भारत में हैं, उसके हिसाब से वेंटीलेटर (Ventilator) की संख्या अभी भारत में पर्याप्त हैं| जब यह आँकड़ा भारत में 10 हजार तक पहुँचेगा तब थोड़ी चिंता की बात होगी| लेकिन जिस तरह भारत में लॉक डाउन कर दिया गया हैं और लोग लगातार सामाजिक दूरी बनाए रखे हैं, तो इस आँकड़े तक पहुंचने में अभी भारत को कम से कम 2 से 3 हफ्ते लगेंगे|

इस बीच भारत को जरूरत के उपकरणों की व्यवस्था करने का समय मिल जाएगा| वैसे यह जरूरी भी नहीं है कि भारत में यह आँकड़ा इतना पहुंच जाएगा| हालांकि इस बीच पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट मास्क वेंटीलेटर (Ventilator)  आपूर्ति की कोशिश करनी चाहिए|

वेंटीलेटर को जीवन रक्षक क्यों कहा जाता हैं| How Ventilator Help Coronavirus Patient in Hindi.

वेंटीलेटर (Ventilator) के प्रति अपने मन में भय ना रखे-

अमूमन लोगों के बीच वेंटीलेटर (Ventilator)  को लेकर मन में डर होता हैं| ये धारणा होती हैं कि वेंटीलेटर (Ventilator)  से लौट कर आना बहुत मुश्किल होता हैं| कोरोना वायरस के मामले में वेंटीलेटर (Ventilator) तक पहुंचने के बाद क्या संभावना होती हैं| डॉ श्री निवास कहते हैं कि वेंटीलेटर (Ventilator) पर आने के बाद भी मरीज ठीक हो जाते हैं|

इस वायरस के अलावा दूसरे बीमारियों में तो 70 से 75 प्रतिशत तक मरीज  वेंटीलेटर (Ventilator) से  ठीक हो जाते हैं| कोरोना वायरस में यह प्रतिशत थोड़ा कम होता हैं| डॉ ध्रुव चौधरी के मुताबिक सरकार की तैयारी इस बात पर निर्भर करेगी कि कितने लोगों को संक्रमण होता हैं और कितना गम्भीर होता हैं|

लेकिन वेंटीलेटर (Ventilator) को लेकर हमें प्रैक्टिकल नजरिये से देखना चाहिए| कोरोना वायरस से निपटने के लिए हमारे पास जो इंतजाम हैं, इसमे वेंटीलेटर (Ventilator) भी एक अहम हिस्सा हैं|

दोस्तों, ‘आपको हमारा यह आर्टिकल वेंटीलेटर को जीवन रक्षक क्यों कहा जाता हैं| How Ventilator Help Coronavirus Patient in Hindi कैसा लगा? आप हमें कमेंट करके बताए और हमारे इस आर्टिकल को शेयर और लाइक करना ना भूले|

Thanks For Reading
Sanjana

यह भी पढ़े-  

हमारे अन्य ब्लॉग भी पढ़े – 

Facebook     Twitter    Instagram

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *