प्रियंका गाँधी का जीवन परिचय| Priyanka Gandhi Biography (Jivni) in Hindi.

Priyanka Gandhi Biography (Jivni) in Hindi.



Priyanka Gandhi Biography (Jivni) in Hindi.प्रियंका गाँधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) एक भारतीय राजनितिज्ञ हैं| वे वर्तमान में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय महासचिव तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी हैं| वे गाँधी-नेहरू परिवार से हैं और फिरोज गाँधी तथा इंदिरा गाँधी की पोती हैं|

 

 

 

 

जीवन परिचय-

नाम(Name) प्रियंका गाँधी वाड्रा
जन्मतिथि(Date of birth) 12 जनवरी 1972
उम्र(Age) as in 2019 47 years
जन्मस्थान(Birthplace) India,नई दिल्ली
राशि(Zodiac sign) मकर
नागरिकता(Nationality) भारतीय
गृहनगर(Hometown) नई दिल्ली,इंडिया
स्कूल(School) मॉडर्न स्कूल,नई दिल्ली,इंडिया

कॉन्वेंट ऑफ़ जीसस एंड मैरी,नई दिल्ली,इंडिया

कॉलेज/

विश्वविद्यालय(College/University)

यूनिवर्सिटी ऑफ़ दिल्ली,इंडिया,नई दिल्ली
शैक्षिक योग्यता(educational qualification) बी.ए. इन साइकोलॉजी(B.A. in psychology)

एम.ए. इन बुद्धिस्ट स्टडीज(M.A. in Buddhist studies)

धर्म(Religion) बुद्ध धर्म(Buddhism)
भोजन की आदत(food habbit) नॉन-वेजीटेरियन(non-vegetarian)

प्रियंका गाँधी का लुक-प्रियंका जी देखने बहुत सुंदर लगती हैं और उनकी पर्सनालिटी कुछ इस प्रकार हैं-



लम्बाई(Height) 5feet 8inch

173cm

वजन(weight) 65kg
आँखों का रंग(Eye’s color) काला(Black)
बालों का रंग(Hair’s color) काला(Black)
फिगर मेज़रमेंट(Figure measurement) 34-26-34

प्रियंका गाँधी का परिवार- प्रियंका जी के परिवार में चार सदस्य हैं और ज्यादातर सभी लोग राजनितिक में ही हैं| तो इससे अंदाजा लगाया जा सकता हैं कि प्रियंका भी कितनी बेहतरीन पॉलिटिशियन होगी|

प्रियंका जी पिता का नाम राजीव गाँधी हैं जोकि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री(Former prime minister of India) थे| वही इनकी .माँ सोनिया गाँधी जी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष(Ex-president of Indian National Congress) थी|



इनके भाई का नाम राहुल गाँधी हैं और इनकी भी अपनी सगी बहन नहीं है|प्रियंका गाँधी  पति का रोबर्ट वाड्रा हैं, जिनसे उनकी मुलाकात संभवतः ओत्तावियो क्वात्रोची के  घर हुई थी| रोबर्ट से प्रियंका ने 18 फरवरी 1997 में शादी की थी| इनके दो बच्चे भी हैं|

प्रियंका गाँधी के बेटे का नाम रेहान हैं जिनका जन्म 2000 में हुआ था| और उनकी बेटी का नाम मिराया हैं जिनका जन्म 2002 में हुआ था|

दूसरे संबंधी(Other relatives)

नाना (Maternal grandfather)- पंडित जवाहरलाल नेहरू(भारत के पहले प्रधानमंत्री/First prime minister of India)

परदादी (Great Grandmother)- कमला नेहरू(स्वतंत्रता सेनानी/Freedom fighter)

चाचा(Uncle)- संजय गाँधी(died in plane a crash)

चाची (Aunt)- मेनका गाँधी(Politician)

चचेरा भाई(cousin)- वरुण गाँधी(Politician)

आखिर इंदिरा गाँधी के साथ ही प्रियंका गाँधी की तुलना क्यों करते हैं?

साल 1988 इंदिरा गाँधी  मृत्यु को चार साल बीत चुके थे|तभी एक मंच पर लोगों ने प्रियंका गाँधी को देखा,प्रियंका की उम्र तब सिर्फ 16 साल की थी| ये प्रियंका का पहले सारोजनिक भाषण था|इस भाषण के 31 साल बाद congress समर्थक अकसर जिस मांग को उठाते रहे थे वो अब पूरी हो गयी हैं|congress ने प्रियंका गाँधी को महासचिव बनाकर पूर्वी उत्तरप्रदेश की जिम्मेदारी दी हैं,हालाकि साल 2014 के आम चुनाव से पहले भी यह माना जा रहा था कि प्रियंका वाराणसी से चुनाव लड़ना चाहती थी,लेकिन मोदी के खिलाफ लड़ने के जोखिम को देखते हुए इस फैसले पर मोहर नहीं लग पायी|

बीते साल सोनिया गाँधी से जब प्रियंका के राजनीतिक में आने की बात पूछी गयी थी तब उन्होंने ये कहा था कि ये प्रियंका तय करेंगी की वो राजनीतिक में कब आना चाहती हैं|

प्रियंका गाँधी जब छोटी थी और अपने पिता राजीव गाँधी और माँ सोनिया गाँधी के साथ राय बरेली जाती थी तब उनके बाल हमेशा छोटे ही रहते थे|अमेठी और राय बरेली के दौरे पर गाँव के लोग राहुल के साथ उनको भी भैया भुलाते थे| अगले कुछ सालो में बदलकर ये अब भैयाजी हो गया हैं| यू.पी में प्रियंका की लोकप्रियता को आप यूँ भी समझ सकते हैं कि लोग उन्हें कितना पसंद करते हैं,इसकी एक वजह यह भी हैं की प्रियंका की hairstyle उनके कपड़े पहनने का चयन और बात करने के  तरीके से इंदिरा गाँधी की छाप का साफ नजराना हैं|

प्रियंका जब यू.पी के दौरे पर रहती हैं तो उनका दिन सुबह 6 बजे से शुरू होता हैं|बताया जाता हैं कि प्रियंका जब यू.पी दौरे पर जब रहती थी तब तो रोटी या पराठे के साथ सब्जी और दाल खाना पसंद करती हैं साथ में वो निम्बू या आम का आचार लेना भी पसंद करती हैं|उन्हें और उनके पति रोबर्ट वाड्रा को मुगलय खाना बहुत ही पसंद हैं|



प्रियंका  ने चुनावी  प्रचार 2004 में शुरू कर दिया था तब प्रियंका बतौर मेहमान रायबरेली के निवासी रमेश बहादुर सिंह के घर पर एक महीने ठहरी थी|रमेश ने BBC को इस बारे में 2016 में बताया था|उन्होंने कहा था कि प्रियंका प्रचार  करने के लिए अकेले निकलती थी और देर रात लौट पाती थी|उनके दोनों बच्चे घर में अकेले आया के पास रहते थे,एक दिन वो जल्दी लौट आयी और मुझसे बोली कि बच्चों को रिक्से की सैर कराना हैं इसलिए दो रिक्से मिल सकते हैं जैसे ही रिक्से आये वे बच्चों के साथ एक पर बैठकर बाहर चली गयी और  आधे घंटे बाद वो वापस आयी और रिक्शेवालों को 50रुपया देखकर मुस्कुराते हुए चली गयी|

साल 2004 के आम चुनाव के समय यह महसूस किया गया की congress की हालत ख़राब हैं पार्टी ने एक professional agency की सेवाएँ ली जिसने तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गाँधी को बताया कि वो अकेले BJP के बड़े नेता और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को टकर नहीं दे सकती,इसके बाद ही राहुल गाँधी britian में अपनी नौकरी छोड़कर सक्रिय राजनीतिक में आए,इन चुनावों के बाद जब नतीजे सामने आए तो अमेठी में टीवी देख रही प्रियंका की चेहरे मुस्कान हर 10मिनट में बढ़ती ही जा रही थी| एकाएक वो बोल उठी “मम्मी ने कर दिखाया”|

रशीद बताते हैं कि इसी agency से सोनिया ने फिर सलाह मांगी,तब जो सलाह दी गयी कि जोरदार वापसी के लिए राहुल और प्रियंका की संयुक्त agency की जरूरत होगी|

साल 2012 उत्तरप्रदेश में विधान सभा चुनाव चल रहे थे|प्रियंका  रायबरेली की बछरावां सीट पर प्रचार कर रही थी|एक गांव में उनके स्वागत के लिए वहां के  सबसे बड़े congressi नेता और पूर्व विधायक खड़े दिखे|प्रियंका के चेहरे के भाव बदले उन्होंने अपने गाड़ी में बैठे लोगों को उतरने के लिए कहा और इशारे से उस नेता  को अपनी गाड़ी में बैठाया और अपनी अगली सीट से मुड़कर गुस्से में तमतमायी प्रियंका ने उस नेता को 10मिनट तक डाँटा और कहा आगे से मुझे ऐसा कुछ सुनाई न पड़े मैं सब जानती हूँ|अब गाड़ी से मुस्कुराते हुए उतरो,इसके बाद पार्टीकर्ताओं की एक बैठक हुई बीच में meeting रोककर एक स्थानीय प्रियंका बुलाकर पीछे कमरे में ले गयी और 5 मिनट बाद वो कमरे से बाहर निकले,तो उनकी आँखों से आँसू बह रहे थे|कुछ महीनों बाद प्रियंका गाँधी ने टिकट बंटवारे की बैठक में इस नेता की राय भी बखूबी सुनी थी|

प्रियंका गाँधी के सफर पर अगर नजर डाले तो उनका सफर बहुत ही बेहतर रहा हैं| साल 2004 में प्रियंका ने  सोनिया गाँधी के लिए प्रचार किया था



यह भी पढ़े –

1.
2.
3.
4.
5.

हमारे अन्य ब्लॉग भी पढ़े –

Facebook     Twitter    Instagram

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *