नरेंद्र मोदी का जीवन परिचय| Narendra Modi Biography (Jivni) in Hindi.

नरेंद्र मोदी का जीवन परिचय Narendra Modi Biography (Jivni) in Hindi

Biography (Jivni) of Narendra Modi.
नरेन्द्र मोदी का जीवन परिचय|


नरेंद्र मोदी का जीवन परिचय Narendra Modi Biography (Jivni) in Hindi
नरेंद्र मोदी का जीवन परिचय Narendra Modi Biography

फर्क थोड़ा सा हैं मेरे और तेरे इश्क़ में,

तू माशूक की खातिर रात भर जागता हैं..

और मुझे मातृभूमि के हालात सोने नहीं देते

 

नरेन्द्र मोदी(Narendra Modi) एक ऐसे व्यक्ति है, जो देश और विदेश हर जगह अपने कार्यों से प्रसिद्ध है| वह हमारे देश  के 14वें प्रधानमंत्री है | वह हमारे भारत के प्रधानमंत्री पद पर आसीन होने वाले हमारे स्वतंत्र भारत में जन्मे प्रथम  व्यक्ति थे| नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2014 में भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर एक ऐतिहासिक जीत हासिल की थी| इसके लिए वह अभी भी जाने भी जाते है|



मोदी जी एक बहुत ही अच्छे इंसान हैं,इन्होंने देश के लिए बहुत ही अच्छे काम किये  हैं जैसे-गंगा नदी को साफ़ रखने का कार्य हो,या फिर पूरे भारत को स्वच्छ रखने का,या फिर किसानों का कर्ज माफ़ करना हो|

हाल ही में सुनने में आ रहा हैं कि बॉलीवुड में नरेंद्र मोदी जी पर फिल्म बनाई जाएगी और उनका किरदार विवेक ओबेरॉय(Vivek Oberoi) निभाएंगे|

बुरे में अच्छा ढूँढो तो कोई बात बने……

अच्छे में बुराई ढूँढ़ना दुनिया का रिवाज हैं…..



नरेन्द्र मोदी(Narendra Modi) का जीवन परिचय-

नरेन्द्र मोदी(Narendra Modi) का जन्म वडनगर के एक गुजराती परिवार में 17 सितम्बर,1950 को हुआ था| वह 7 अक्टूबर 2001 से 22 मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे|  नरेन्द्र मोदी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्य है| मोदी जी बचपन में अपने पिता के साथ चाय बेचने का काम किया करते थे| जब वह आठ साल के हुए तो आरएसएस से जुड़े,जिसके साथ वह लम्बे समय तक जुड़े रहे|  स्वतन्त्रता

के बाद ऐसी जीत हासिल करने वाले वह पहले प्रधानमंत्री है| प्रधानमंत्री बनने से पहले और प्रधानमंत्री बनने के बाद तक इन्होने देश के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किये है| इनकी नीतियों की प्रशंसा हर जगह की जाती है| मोदी ने अपने जीवन में क्या क्या महत्वपूर्ण कार्य किये और इनका जीवन अब तक कैसा रहा है,इसका वर्णन हम आपको इस लेख के द्वारा बताकर देंगे|

नरेन्द्र मोदी(Narendra Modi) का एवं जीवन परिचय

  1.  पूरा नाम
   नरेन्द्र दामोदरदास मोदी
  2.       जन्म     17 सितम्बर,1950
  3.     अन्य नाम     मोदी जी, नमा
 4.   जन्म स्थान    वडनगर,गुजरात
 5.      पता   7 रेस कोर्स रोड, नई दिल्ली
 6.         उम्र         68 साल
 7.    राष्ट्रीयता          भारतीय
 8.     राजनीतिक दल     भारतीय  जनता पार्टी
 9.         धर्म             हिन्दू
 10.      पेशा           राजनेता
 11.    ब्लड ग्रुप           A+
 12.   वैवाहिक स्थिति         विवाहित
 13.       राशि         कन्या    
 14.     जाति      मोध घांची (ओबीसी)
 15.    लम्बाई         7 फ़ीट 5 इंच
 16. प्रधानमंत्री के रूप में वेतन 1 लाख 60 हज़ार रूपये प्रति               

   माह और अन्य भत्ता

 17.    आँखों का रंग         काला
 18.     बालों का रंग         सफ़ेद
 19.    नेट वर्थ    2.28 करोड़ रूपये
 20. शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification) पोलिटिकल साइंस में बीए और एमए
 21. माताजी  का नाम  श्रीमती हीराबेन मोदी
 22. पिताजी का नाम    श्री दामोदरदास मूलचंद मोदी
 23.  भाईयों के नाम सोमाभाई मोदी, पंकज मोदी,          अमृत मोदी, प्रह्लाद मोदी
 24. बहन का  नाम वासंती बेन हशमुखलाल मोदी
 25.  पत्नी  का नाम श्रीमती जशोदा बेन चमनलाल

 

नरेन्द्र मोदी का बचपन

नरेंद्र  मोदी अपने बचपन में बहुत छोटे और कच्चे घर में रहते थे| उनका बचपन संघर्ष पूर्ण था और उन्होंने अपनी छोटी सी उम्र में ही बहुत उतार-चढ़ाव देख लिए थे| मोदी का बचपन बड़ी ही गरीबी में बीता, वह बचपन में अपने पिता की दुकान पर अपने पिता के साथ चाय बेचा करते थे|



उनकी माताजी दूसरों के घरों में बर्तन धोने का काम किया करती थी तथा उन्हें दो वक्त का खाना भी बड़ी मुश्किल से मिलता था| वह अपनी हर चुनौतियों को अवसर के रूप में मानकर उनका संघर्ष किया करते थे|

मोदी जी को बचपन से ही पढ़ाई में बहुत रूचि थी परन्तु कुछ पारिवारिक समस्याओं के कारण उन्होंने 17 वर्ष की उम्र में साल1967 में अपना घर छोड़ दिया| अपने घर को छोड़ने के बाद इन्होनें कई आश्रमों पर अपना जीवन व्यतीत किया| इन्ही दिनों में इन्होनें इस दुनिया को देख लिया

और बहुत सोच-विचार के बाद मोदी जी दो वर्ष बाद अपने घर लौट आये| घर लौट आने के कुछ समय बाद मोदी (RSS) आरएसएस के सदस्य बन गए और अपना काम बहुत ईमानदारी से करने लगे| वह लोगों की समस्याओं को बहुत गंभीर तरीके से सुना करते थे और उन समस्याओं को दूर करकर ही मानते थे|



मोदी के विवाह से सम्बंधित वर्णन

नरेन्द्र मोदी(Narendra Modi) की सगाई 13 वर्ष की  उम्र में ही हो गयी थी और इनकी शादी 17 साल की उम्र में जशोदा बेन चमनलाल नाम की महिला से हुई थी| परन्तु फाइनेंसियल एक्सप्रेस की खबर के अनुसार वह और उनकी पत्नी ने कुछ समय साथ रहकर बिताया| परन्तु समय के साथ वह दोनों एक-दूसरे के लिए अजनबी हो गए क्योंकि नरेन्द्र मोदी ने अपनी पत्नी से ऐसी इच्छा व्यक्त की थी| लेकिन नरेन्द्र  मोदी के बारे में कुछ लेखकों का कहना हैं कि उन दोनों की शादी हुई परन्तु वह दोनों कभी भी एक साथ नहीं रहे| क्योंकि शादी के कुछ सालों बाद मोदी जी ने अपना घर त्याग दिया था तो इस प्रकार इनका वैवाहिक जीवन समाप्त हो गया|

मोदी जी की इस शादी वाली बात पर बहुत बखेड़ा हुआ| फिर भी पिछले चार विधान-सभाओं में नरेंद्र मोदी ने अपने विवाहित होने के सवालों पर खामोश रहे| उन्होंने कहा कि मैंने इस बात को ना बताकर कोई पाप नहीं किया है|


उनका कहना था की एक अविवाहित व्यक्ति विवाहित व्यक्ति के मुकाबले भ्रष्टाचार के लिए बहुत अच्छे से लड़ सकता है क्योंकि उसे अपनी पत्नी और बच्चों की कोई चिंता नहीं रहती और वो आसानी से भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ सकता है| उन्होंने जशोदा बेन को अपनी पत्नी तथा अंत में शपथ पत्र दिखाकर स्वीकार कर लिया|

 

नरेन्द्र मोदी(Narendra Modi) के परिवार की जानकारी 

नरेन्द्र मोदी(Narendra Modi) का परिवार मोध-घांची-तेली समुदाय से है,जोकि भारत सरकार द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी से सम्बन्ध रखता है| मोदीजी अपने  माता-पिता की तीसरी संतान हैं| मोदी जी के बड़े भाई सोम मोदी है,जो वर्तमान में 75 वर्ष के है| वह स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी रह चुके हैं| इनके दूसरे भाई अमृत मोदी है, जो 72 साल के है| वह एक मशीन ऑपरेटर है| इसके बाद मोदी जी के दो छोटे भाई भी है| एक प्रह्लाद मोदी जिनकी उम्र 62 साल है, वह अहमदाबाद में एक शॉप चलाते है और दूसरे पंकज मोदी जोकि गांधीनगर में सूचना विभाग में एक क्लर्क के रूप में कार्यरत है|


 नरेन्द्र मोदी(Narendra Modi) का राजनीतिक सफर

वह जब विश्वविद्यालय में पढ़ रहे थे उसी समय से वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की साखा में जाने लगे थे| उन्होंने शुरुआत से ही राजनीतिक में अपनी रूचि दिखाई और भारतीय जनता पार्टी की जनाधार मजबूत करने की प्रमुख भूमिका दिखाई|गुजरात में “शंकर सिंह वाघेला” का जनाधार मोदी जी की वजह से बहुत मजबूत हो गया था|

अप्रैल 1990 में केंद्र में मिली-जुली सरकारों का समय आया और मोदी जी की मेहनत काम आयी| “भारतीय जनता पार्टी” ने अपने बलबूते पर दो-तिहाई बहुमत प्राप्त कर 1995 में अपनी सरकार बनाई और उस समय दो राष्ट्रीय घटना हुई|

पहली घटना यह हुई कि अडवानी जी ने सोमनाथ से अयोध्या तक की रथ-यात्रा निकाली,जिसमे प्रमुख सारथी का काम मोदी जी ने किया और इसी प्रकार से कन्याकुमारी से लेकर सुदूर उत्तर में स्थित कश्मीर तक की रथ-यात्रा भी मोदी जी की देख-रेख में हुई|

इसके बाद “शंकर सिंह वाघेला” ने पार्टी से त्यागपत्र दे दिया और केशुभाई पटेल को गुजरात का मुख्यमंत्री बना दिया और मोदी जी को दिल्ली बुलाकर भाजपा में संगठन की दृष्टि से केंद्रीय मंत्री बना दिया गया|

1995 में मोदी जी को प्रमुख पांच राज्यों में पार्टी संगठन का काम दिया गया| जिसे मोदी जी ने बड़ी लगन से किया| 1998 में उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री संगठन सौंपा और उस पद पर 2001 तक मोदी ने काम किया और 2001 में केशुभाई को हटाकर मुख्यमंत्री के पद पर  स्वयं को मुख्यमंत्री बना दिया गया


गुजरात में मोदी जी का काम मुख्यमंत्री के रूप में

केशुभाई की तबियत कुछ ख़राब हो गयी थी और भाजपा चुनाव में कुछ सीटें भी हार गयी थी जिसके कारण उन्हें 2001 में मोदी जी को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री के रूप में उम्मीदवार बनाया|

हालाँकि मोदी जी चाहते थे कि  गुजरात की पूरी जिम्मेदारी उन्हें ही मिले, जिसके कारण पटेल के उप-मुख्यमंत्री बनने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया गया था और अटल बिहारी बाजपेयी और लालकृष्ण अडवाणी से कहा कि-

“ अगर मुझे मुख्यमंत्री बनाना है तो अकेले का बनाओ जिस कारण 3 अक्टूबर,2001 को यह मुख्यमंत्री बने और 2002 में होने वाली चुनाव की जिम्मेदारी उन्ही पर थी|

सन 2001-2002

सात अक्टूबर 2001 को मुख्यमंत्री कार्यालय का पहला दिन शुरू हुआ तथा इसके बाद मोदी ने राजकोट चुनाव लड़ा और कांग्रेस पार्टी के अश्विन मेहता को14728 मतों से हारना पड़ा|

नरेन्द्र  मोदी जी वैसे तो अपने कर्मशील व्यवहार के लिए जाने जाते है और उन्होंने गुजरात में भी कई मंदिरों को तुड़वाने में कोई हस्तछेप नहीं किया क्योंकि वो मंदिर कानूनी-कायदों से दूर थे|



इस हरकत से उन्हें विश्व हिन्दू  परिषद् जैसे संघटनों से भला-बुरा सुनना पड़ा| लेकिन उन्होंने कोई परवाह नहीं की क्योंकि उन्हें लगता था की वह सब कुछ सही कर रहे है|

मोदी जी की देख-रेख में 2012 में हुए गुजरात विधान सभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बहुमत प्राप्त किया और भाजपा को इस बार 115 सीटें प्राप्त हुए| मोदी जी को कुर्ता-पजामा पहनना बहुत पसंद था परन्तु वह कभी-कभी सूट भी पहन लिया करता थे| वैसे उनकी मातृभाषा गुजराती है परन्तु वह हिंदी और अंग्रेजी भाषा भी  बोल लिया करते है|

मोदी जी के आतंकवाद पर विचार

“ आतंकवाद युद्ध से बदतर है| एक आतंकवाद के कोई नियम नहीं होते है| एक आतंकवाद तय करता है कि कब,कैसे,कहाँ और किसे मारना है| भारत ने युद्धों की तुलना में आतंकी हमलों में अधिक लोगों को खोया है|” मोदी जी ने कहा-

मोदी जी ने 18 जुलाई,2006 को एक भाषण में आतंकवाद निरोधक अधिनियम जैसे आतंकवाद विरोधी विधान लाने के खिलाफ उनकी नामंजूरी को लेकर भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आलोचना की|



मुंबई के उपनगरीय रेलों में एक बम विस्फोट हुआ था जिसके कारण उन्होंने केंद्र सरकार से शासन सख्त क़ानून लागू करने की माँग की| 

गुजरात  के विकास  लिए नरेन्द्र  मोदी की कुछ योजनाएँ

गजुरात  के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी जी ने गुजरात के विकास के लिए कुछ महत्वपूर्ण योजनाएँ बनाई, इन सब का वर्णन निचे किया गया है-

कृषि महोत्सव– उपजाऊँ भूमि के लिए शोध प्रयोगशालाएँ

कन्या कलावाड़ी योजना- महिला  साक्षरता व शिक्षा के प्रति जागरुकता

पंचामृत योजना- राज्य के एकीकृत विकास की पंचायामी योजना,

बेटी बचाओ – भ्रूण-हत्या व लिंगानुपात पर अंकुश हेतु,

सुजलाम् सुफलाम् – राज्य में जलस्रोतों का उचित व समेकित उपयोग, जिससे जल की बर्बादी को रोका जा सके,

बालभोग योजना – निर्धन छात्रों को विद्यालय में दोपहर का भोजन

चिरंजीवी योजना – नवजात शिशु की मृत्युदर में कमी लाने हेतु

ज्योतिग्राम योजना – प्रत्येक गाँव में बिजली पहुँचाने हेतु

मातृ-वन्दना – जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य की रक्षा हेतु

कर्मयोगी अभियान – सरकारी कर्मचारियों में अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठा जगाने हेतु



गुजरात में हुए दंगे –

27 फ़रवरी 2002 को अयोध्या  से गुजरात वापस लौट कर आ रहे कारसेवकों को गोधरा स्टेशन पर खड़ी ट्रेन में मुसलमानों की हिंसक भीड़ द्वारा आग लगा कर जिन्दा जला दिया गया। इस हादसे में 59 कारसेवक मारे गये थे। रोंगटे खड़े कर देने वाली इस घटना की प्रतिक्रिया स्वरूप समूचे गुजरात में हिन्दू-मुस्लिम दंगे भड़क उठे। मरने वाले 1180 लोगों में अधिकांश संख्या अल्पसंख्यकों की थी।

इसके लिये न्यूयोर्क टाइम्स ने मोदी प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया| कांग्रेस सहित अनेक विपक्षी दलों ने नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की माँग की। मोदी ने गुजरात की दसवीं विधानसभा भंग करने की संस्तुति करते हुए राज्यपाल को अपना त्यागपत्र सौंप दिया। परिणामस्वरूप पूरे प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया।राज्य में दोबारा चुनाव हुए जिसमें भारतीय जनता पार्टी  ने मोदी के नेतृत्व में विधान सभा की कुल 182 सीटों में से 127 सीटों पर जीत हासिल की।

2002 अप्रैल भारत के उच्चतम न्यायालय ने विशेष जाँच ताकि  पता चल सके कि मोदी का इसके पीछे कोई हाथ था की नहीं|

यह जाँच केवल दल दंगों में मारे गए कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी की विधवा जायिका जाफरी की शिकायत पर किया था| “विशेष जाँच  दल” की रिपोर्ट से यह पता चला कि नरेंद्र मोदी ने कुछ भी नहीं किया है|

इसके बाद फरबरी 2011 की टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने कहा कि रिपोर्ट में कुछ बाते छुपाई गयी है और बिना सबूतों के मोदी को छुटकारा नहीं दिया जा सकता है|

इंडियन एक्सप्रेस का भी यही कहना था और द हिन्दू  में प्रकाशित रिपोर्ट में भी यही कहा गया है कि मोदी ने ना केवल बहुत बड़े युद्ध को होने से रोका बल्कि प्रतिक्रिया स्वरूप उठे गुजरात के दंगों में मुस्लिम उग्रवादियों को मारनें को सही बताया है|



BJP ने माँग की कि विशेष जाँच दल की रिपोर्ट को लिंक करके प्रकाशित करवाया गया और इसमें कांग्रेस का हाथ था और इसकी  भी जाँच उच्चतम न्यायालय से की जाये| सुप्रीम कोर्ट ने अहमदाबाद के ही एक मेजिस्ट्रेट को इसकी जाँच करने को कहा|  अप्रैल 2012 में फिर एक विशेष जाँच के दल ने साबित किया कि मोदी जी का इस दंगों में कोई प्रत्यक्ष हाथ नहीं है|

7  मई, 2012 को उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त जज राजू रामचंद्रन ने रिपोर्ट में कहा है कि गुजरात में हुए दंगों में यदि मोदी जी का हाथ है तो उन्हें भारतीय दंड संहिता के द्वारा धारा 153 ए और 153 बी, 166 तथा 505 के अंतर्गत सभी समुदायों को दुश्मनी की भावना फैलाने के अपराध में दण्डित किया जाता है|

26 जुलाई 2012 को नई दुनिया के लेखक शाहिन्द सिद्दीकी ने मोदी का इंटरव्यू लिया जिसमे मोदी जी ने कहा कि “जैसा की मैं पहले भी कह चूका हूँ कि 2002 में हुए दंगों में मेरा कोई हाथ नहीं है और इसके लिए में माफ़ी क्यों माँगू? उन्होंने कहा की अगर मेरी सरकार ने ऐसा किया है तो मुझे फाँसी दे दो|”

मुख्यमंत्री ने गुरूवार को नई दुनिया में कहा है कि अगर मोदी गुनहगार है तो उसे फाँसी दे दो| मोदी जी का कहना था की कब तब गुजरे ज़माने को लेकर बैठे रहोगे? तुम्हे यह क्यों नहीं दिखाई देता की पिछले एक दशक में गुजरात ने कितनी तरक्की की है? और इस तरक्की का फायदा ना केवल हिन्दू बल्कि मुस्लिमों को भी हुआ है|

केंद्रीय क़ानून मंत्री सलमान खुर्शीद से इस बात पर पूछा गया तो उन्होंने कहा की पिछले 12 सालों में एक बार भी गुजरात के मुख्यमंत्री के खिलाफ एक भी FIR दर्ज नहीं हुई है तो आप उसे दोषी कैसे ठहरा सकते है?

2014 सितम्बर में ऑस्ट्रेलिआई प्रधानमंत्री  टोनी अबात ने कहा की मोदी जी को 2002 में हुए दंगों के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि वो एकमात्र अधिकारी थे जो अनगिनत जाँच में पाक साफ़ साबित हुए है|



2014 लोकसभा चुनाव(प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार)-

गोवा में भाजपा कार्यसमिति द्वारा मोदी को 2014 के लोकसभा चुनाव अभियान की कमान सौंपी थी| 13 सितम्बर,2013 को हुई संसदीय में बोर्ड की बैठक में आगामी लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया| इस अवसर पर पार्टी के शीर्षस्थ नेता लालकृष्ण अडवाणी मौजूद नहीं रहे और पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने इसकी घोषणा की|

मोदी जी ने प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित होने के बाद चुनाव अभियान की कमान राजनाथ सिंह को सौंप दी| प्रधानमंत्री के पद का उम्मीदवार मोदी को बनाया गया और पहली रैली हरियाणा से रिवाड़ी शहर पहुँची| सांसद प्रत्याशी के रूप में उन्होंने देश की दों लोकसभा सीटों को वाराणसी तथा वडोदरा से चुनाव लड़ा और निर्वाजन क्षेत्रों से विजय  हुई|

2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी जी की स्थिति-

समाचार चैनलों व समाचार पत्रों द्वारा किये सर्वेक्षणों में मोदी जी  पहली पसंद थे जो की प्रधानमंत्री बनने के लिए सही भी थे| सितम्बर 2016 में निलसन होल्डिंग्स और इकोनॉमिक्स टाइम्स के अनुसार 100 भारतीय कॉरपोरेट्स में से 74 कॉरपोरेट्स ने नरेंद्र मोदी और 7 ने राहुल को बेहतर प्रधानमंत्री बताया| एक इंटरव्यू के दौरान नोबेल पुरूषकार विजेता अमृत्य सैन मोदी को बेहतर प्रधानमंत्री नहीं मानते| इसके बावजूद जगदीश भगवती और अरविन्द पानगडिया को मोदी जी का अर्थशास्त्र अच्छा लगता है|

योग गुरु स्वामी रामदेव और कथावाचक मुरारी बापू ने नरेंद्र मोदी को सही बताया है|

प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी जी ने पूरे भारत का भ्रमण किया| पूरे देश में 437 बड़ी चुनावी रैलियों 3d सभाएँ व चाय पर चर्चा आदि को मिलाकर कुल 5827 कार्यक्रम किये| 26 मार्च, 2017 को चुनाव अभियान की शुरुआत माँ वैष्णों देवी के आशीर्वाद के साथ जम्मू से की और समाप्त मंगल पाण्डेय की जन्मभूमि बलिया पर की|

चुनाव का परिणाम

चुनाव में जहाँ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन 336 सीटें जीतकर सबसे बड़े संसदीय दल के रूप में उभरा और वही अकेले भारतीय जनता पार्टी ने 282 सीटों पर विजय प्राप्त की और कांग्रेस कुल 44  पर ही सिमट गयी और उसके गठबंधन को केवल 15 सीटों से ही संतोष करना पड़ा|

नरेंद्र मोदी स्वतन्त्र भारत में जन्म लेने वाले एक ऐसे व्यक्ति है जो सन् 2001 से 2014 तक 13 साल तक गुजरात के 14 वें मुख्यमंत्री बने रहे और भारत के 15 वें प्रधानमंत्री बने| नेता प्रतिपक्ष चुनाव हेतु विपक्ष को एक जूट होना ही पड़ेगा क्योंकि किसी भी एक दल ने कुल लोकसभा सीटों के 10 प्रतिशद आंकड़ा भी नहीं छुआ हैं|

भाजपा संसदीय दल के नेता निर्वाचित

20 मई,2014 को संसद भवन में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित सहयोगी दल एवं संसदीय दल की एक संयुक्त बैठक में जब लोग प्रवेश कर रहे थे तो नरेंद्र मोदी ने प्रवेश करने के पूर्व संसद भवन को ठीक वैसे ही जमीन पर झुककर प्रणाम किया जैसे मंदिर में घुसने से पहले लोग मंदिर की  सीढ़ियों को चूमते है|

संसद भवन में पहले ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था, यह उस समय उपस्थित लोगों के लिये एक सीख से कम नहीं थी| बैठक में नरेन्द्र मोदी को सर्वसम्मिति से ना केवल भाजपा संसदीय दल समिति अपितु एनडीए दल का नेता भी चुन लिया गया| राष्ट्रपति ने नरेन्द्र मोदी को 15 वा प्रधानमंत्री नियुक्त करते हुए इसका विवाधित पत्र सौंपा| नरेन्द्र मोदी ने 26 मई,2014 को सोमवार के दिन प्रधानमंत्री की शपथ ली|



नरेन्द्र मोदी जी ने वडोदरा सीट से इस्तीफा क्यों दिया?   

नरेंद्र मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में सबसे अधिक अंतर से जीती गुजरात की सीट से इस्तीफा देकर उत्तर प्रदेश की वाराणसी सीट का प्रतिनिधित्व करने का फैसला किया और यह घोषणा कि वह गंगा की सेवा के साथ इस प्राचीन नागरी का विकास करेंगे|

प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण-

नरेन्द्र मोदी का 26 मई,2014 से भारत के 15 वें प्रधानमन्त्री का कार्यकाल राष्ट्रपति भवन  के प्रांगण में आयोजित शपथ ग्रहण के पश्चात प्रारम्भ हुआ। मोदी के साथ 45 अन्य मंत्रियों ने भी समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ ली। प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी सहित कुल 46 में से 36 मन्त्रियों ने हिन्दी में जबकि 10 ने अंग्रेज़ी में शपथ ग्रहण की।

समारोह में विभिन्न राज्यों और राजनीतिक पार्टियों के प्रमुखों सहित शार्क देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया गया। इस घटना को भारतीय राजनीति की राजनयिक कूटनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।

शार्क देशों के मुख्य लोगों के नाम,जो समारोह में उपस्थित थे-

अफगानिस्तान = हामिद करजई (राष्ट्रपति)

भूटान = शेरिंग तोबगे (प्रधानमंत्री)

मॉरिशस = नवीनचंद्र रामगुलाम (प्रधानमंत्री)

पाकिस्तान = नवाज़ शरीफ (प्रधानमंत्री)

बांग्लादेश = शिरीन शर्मिन चौधरी (संसद की अध्यक्ष)

मालदीव = अब्दुल्ला यामीन अब्दुल गयूम (प्रधानमंत्री)

नेपाल = सुशिल कोइराला (प्रधानमंत्री)

श्रीलंका = महिंदा राजपक्षे

समारोह सम्बंधित मतभेद-

ऑल इंडिया एना द्रविड़ मुनेत्र कनगढ़  और राजक का घटक दल मरूमचार्ली द्रविड़ मुनेत्र कझगम (MDMK)  नेताओं ने नरेंद्र मोदी सरकार के श्रीलंकाई प्रधानमंत्री को बुलाने के फैसले को गलत बताया|

MDMK प्रमुख वाइको, मोदी जी से मिले और निमंत्रण का फैसला बदलवाने की कोशिश की और साथ में कांग्रेस नेता ने इसका  विरोध किया| साथ-साथ श्रीलंका और पाकिस्तान ने मछुआरों को रिहा किया और मोदी ने आने वालों का स्वागत किया|

समारोह में सभी राज्य के मुख्यमंत्रियों को बुलाया गया  और कर्नाटक के मुख्यमंत्री,सिधारमैर्या (कांग्रेस) और केरल के मुख्यमंत्री उम्मन चाँदी ने आने से मना कर दिया| तमिल नाडू की मुख्यमंत्री जयललिता ने भी आने से मना कर दिया| पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी जगह अमित मिश्रा और मुकुल रॉय को भेजा| वडोदरा में एक चाय बेचने वाला किरण महिदा, जिसने मोदी की उम्मीदवारी प्रस्तावित की थी उनको भी बुलाया गया था और नरेंद्र मोदी जी की माँ और तीन भाईयों ने यह कार्यक्रम  टीवी पर लाइव देखा|



भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए उपाय-

1.भ्रष्टाचार से सम्बंधित विशेष जाँच दल(SIT) की स्थापना|

2.योजना आयोग की समाप्ति की घोषणा|

3.समस्त भारतीयों की अर्थव्यवस्था की मुख्या धारा में समावेशन           हेतु प्रधानमंत्री जान धन योजना का आरम्भ|

4.रक्षा उत्पादन क्षेत्र में विदेश निवेश की अनुमति|

5.45% का कर देकर काला धन घोषित करने की छूट|

6.सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों की स्वीकृति|

7.रेल बजट प्रस्तुत नहीं किया जाएगा|

8.काला धन और अर्थव्यवस्था को सामान रूप में लाने के लिए 8 नवम्बर, 2016 को 500 और 1000 के नोटों को बंद कर दिया|

नरेंद्र मोदी जी की विदेश नीति और शिक्षा से सम्बन्ध

1.शपथ ग्रहण समारोह में समस्त शार्क देशों को निमंत्रण दिया|

2.भूटान की यात्रा सर्वप्रथम की|

3.ब्रिक्स सम्मलेन में नए विकास बैंक की स्थापना|

4.नेपाल की यात्रा में पशुपति नाथ मंदिर का भ्रमण|

5.चीन और अमेरिका से पहले भूटान की यात्रा|

6.पाकिस्तान को अंतराष्ट्रीय जगत से अलग-थलग करने में सफल|

7.जुलाई 2017 में इजराईल  की यात्रा की और उनसे नए सम्बन्ध बनाये|

जानने योग्य कुछ नीतियाँ

सूचना प्रोद्यौगिकी = लेख: डिजिटल भारत(Digital India)

स्वास्थय और स्वच्छता = स्वच्छ भारत अभियान

रक्षा नीति = मोदी जी के सरकार ने सुरक्षा बलों को मजबूत करने के लिए सन् 2015 में रक्षा बजट 11% बड़ा दिया| सितम्बर 2015 के उनकी सरकार ने समान रेंक समान पेंशन की बहुत लम्बे समय से की गई माँग को स्वीकार कर लिया|

नरेंद्र मोदी(Narendra Modi) ने पूर्वोत्तर भारत के नागा विद्रोहियों के साथ शांति से समझौता किया की जिससे 1950 से चला नागा की समस्या का हल निकल सके|

29 सितम्बर,2016 को नियंत्रण रेखा के पार सर्जिकल स्ट्राइक  सीमा पर चीन का कड़ा विरोध और प्रतिकार

घरेलु नीति

1.हमारे NGO का पंजीकरण रद्द करना|

2.अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालय को “अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय” न मानना|

3.तीन बार तलाक कहकर तलाक देना बंद|

4.जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर लगाम|



5.70 वर्ष से ज्यादा उम्र  के लोगों को सांसदों और विधायकों को मंत्रिपद ना देने का कड़ा निर्णय|

मोदी की आम लोगों से जुड़ने की पहल

‘मन की बात’ नामक कार्यक्रम से जनता को अपनी बातों तक पहुँचना और लोगों की बातों को जानना उन्हें अपनी द्वारा चलाई गयी योजनाओं से जुड़ने  लिए प्रेरित करना|

सम्मान और पुरस्कार

  1. 2014 में फ़ोर्ब्स पत्रिका में विश्व के सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों  में 14 वा स्थान|
  2. विश्व के शक्तिशाली लोगों में 9 वा स्थान फ़ोर्ब्स पत्रिका के सर्वे में|
  3. 2016 में विश्व प्रसिद्ध फ़ोर्ब्स पत्रिका में विश्व का 9 वा स्थान|
  4. अप्रैल 2016 में नरेंद्र मोदी साउदी अरब के उच्चतम नागरिक सम्मान “अब्दुलअजिज अल सऊद” के आदेश|
  5. जून 2016 में अफगानिस्तान राष्ट्रपति अशरफ गानी ने  भारतीय प्रधानमंत्री सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार आमिर अमानुल्ला पुरस्कार से  नवाज़ा गया|

यदि 125 करोड़ लोग एक साथ काम करें,

             तो भारत 125 करोड़ कदम आगे बढ़ जायेगा|

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Sanjana

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