हरिवंशराय बच्चन जी के अनमोल विचार| Harivansh rai Bachchan Anmol Vichar in Hindi.

हरिवंशराय बच्चन जी के अनमोल विचार| Harivansh rai Bachchan Anmol Vichar in Hindi.

Indian Poet Harivansh rai Bachchan Anmol Vichar in Hindi.
भारतीय कवि हरिवंशराय बच्चन जी के अनमोल विचार|


हरिवंशराय बच्चन जी के अनमोल विचार| Harivansh rai Bachchan Anmol Vichar in Hindi.
हरिवंशराय बच्चन जी के अनमोल विचार| Harivansh rai Bachchan Anmol Vichar in Hindi.

दोस्तो! हरिवंशराय बच्चन जी एक बहुत ही अच्छे इंसान थे और भारत के प्रसिद्ध हिन्दी कवि और लेखक थे| इनकी कविताएं आज भी लोगों के हृदय को छू जाती हैं| और इनकी कविता की हर एक लाइन जीवन में हमें कुछ ना कुछ सीखने को प्रेरित करती हैं|

दोस्तों जैसा कि आप सभी जानते हैं हरिवंशराय बच्चन जी अमिताभ बच्चन के पिता जी हैं|अमिताभ बच्चन जी खुद भी उनकी कविताएं पढ़ कर कभी कभी भावुक हो जाते हैं और हमेशा उन्हें याद करते हैं|और सच में हरिवंशराय बच्चन की कविताओं में ऎसा बहुत कुछ हैं जो हमें पढ़ना चाहिए|

उनके अनमोल विचार भी हमें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं और आज भी लाखों दिलों में हरिवंश राय बच्चन जी और उनकी कविता, अनमोल विचार राज करते हैं|

तो आइए हरिवंशराय बच्चन जी के कुछ प्रमुख अनमोल विचारों को पढ़ते हैं और उनसे कुछ सीखने का प्रयास करते  हैं

हरिवंशराय बच्चन जी के अनमोल विचार| Harivansh rai Bachchan Anmol Vichar in Hindi.

अनमोल विचार-1

कभी फ़ूलों की तरह मत जीना, जिस दिन खिलोगे बिखर जाओगे,
जीना हैं तो पत्थर बनकर जियो, तराशे गए तो खुदा बन जाओगे|

Harivanshrai Bachchan (हरिवंशराय बच्चन)

अनमोल विचार-2

असफलता एक चुनौती हैं, उसे स्वीकार करो,
क्या कमी रह गयी, देखो और सुधार करो|

Harivanshrai Bachchan (हरिवंशराय बच्चन)

अनमोल विचार-3

उसके नयनों का जल खारा हैं गंगा की निर्मल धारा|

पावन कर देगी तन-मन को क्षण भर साथ बहो!

दुखी मन से कुछ भी ना कहो|

Harivanshrai Bachchan (हरिवंशराय बच्चन)

अनमोल विचार-4

मैं छुपाना जानता तो जग मुझे साधु समझता,

शत्रु मेरा बन गया हैं छल रहित व्यवहार मेरा|

Harivanshrai Bachchan (हरिवंशराय बच्चन)

अनमोल विचार-5

तू ना थकेगा कभी, तू ना थमेगा कभी,

तू ना मुड़ेगा कभी, कर शपथ कर शपथ कर शपथ,

अग्निपथ, अग्निपथ, अग्निपथ

Harivanshrai Bachchan (हरिवंशराय बच्चन)

अनमोल विचार-6

आज अपने ख्वाब को मैं सच बनाना चाहता हूँ,

दूर की इस कल्पना के पास जाना चाहता हूँ|

Harivanshrai Bachchan (हरिवंशराय बच्चन)

अनमोल विचार-7

मैं स्नेह-सुरा का पान किया करता  हूँ, मैं कभी न जग का ध्यान किया करता हूँ,

जग पूछ रहा उनको, जो जग की गाते, मैं अपने मन का ज्ञान किया करता हूँ|

Harivanshrai Bachchan (हरिवंशराय बच्चन)

अनमोल विचार-8

प्यार किसी को करना, लेकिन कहकर उसे बताना क्या

अपने को अर्पण करना पर औरों को अपनाना क्या|

Harivanshrai Bachchan (हरिवंशराय बच्चन)

अनमोल विचार-9

भूल-शूल से भरे वर्ष के वैर-विरोधों को

होली हैं तो आज शत्रु को बांहों में भर लो|

Harivanshrai Bachchan (हरिवंशराय बच्चन)

अनमोल विचार-10

नफ़रतों का असर देखो, जानवरों का बँटवारा हो गया, गाय हिन्दू हो गयी, और बकरा मुसलमान हो गया,

मंदिरों में हिंदू देखे, मस्जिदों में मुसलमान,

शाम को जब मयखाने (टेका या शराब की दुकान) गया, तब जाकर दिखे इंसान|

Harivanshrai Bachchan (हरिवंशराय बच्चन)

अनमोल विचार-11

बैठ जाता हूँ, मिट्टी पर अक्सर,

क्योंकि मुझे मेरी औकात अच्छी लगती हैं,

मैंने समन्दर से सीखा हैं, जीने का सलीका,

चुपचाप से रहना और मौज में रहना…….

Harivanshrai Bachchan (हरिवंशराय बच्चन) 

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Sanjana

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