अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस 1 मई। Happy International Labour Day in Hindi.

अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस 1 मई। Happy International Labour Day in Hindi
अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस 1 मई। Happy International Labour Day in Hindi
अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस 1 मई। Happy International Labour Day in Hindi.

आज का हमारा आर्टिकल उन श्रमिकों के सम्मान के लिए हैं,जिनका अपने देश की उन्नति के लिए बहुत अहम् योगदान होता हैं| श्रमिक दिवस हर साल 1 मई को देश-विदेश हर जगह बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता हैं|  उन श्रमिकों को इस दिन किस वजह से सम्मान मिला आइए इस आर्टिकल को पढ़कर जानते हैं|

 

 

 

श्रमिक दिवस कब और क्यों मनाया जाता है

श्रमिक दिवस एक मई की तारीख को मनाया जाता हैं| श्रमिक दिवस केवल भारत में ही नहीं बल्कि नाइजीरिया, चिली, लीबिया, ईरान, मेक्सिको आदि देशों में श्रमिक दिवस मनाया जाता हैं| श्रमिक दिवस का दिन मजदूरों,श्रमिकों और किसानों के लिए मनाया जाता हैं| जिस प्रकार एक मकान को बनाने और उसकी नीव मजबूत करने के लिए मजदूरों की जरुरत होती हैं|

ठीक उसी प्रकार किसी समाज, देश,व्यवसाय को भी खड़ा करने के लिए कर्मचारियों(मजदूरों) की भी बहुत आवश्यकता होती हैं| श्रमिक दिवस का दिन उन देश भर के श्रमिकों के लिए हैं,जो देश के लिए साल भर देश के लिए कठिन परिश्रम करते हैं| इसलिए उनके सम्मान के लिए 1 मई को श्रमिक दिवस के रूप में देश-विदेश हर जगह मनाया जाता हैं|

यह भी पढ़े-श्रमिक दिवस के महत्व को बताते हुए नारे|

श्रमिक दिवस को मजदूर दिवस,श्रम दिवस और मई दिवस के नाम से भी जाना जाता हैं| श्रमिक दिवस को देश भर में अंतराष्ट्रीय तौर पर भी मनाया जाता हैं|  यूरोप में श्रमिक दिवस को पारम्परिक तौर पर बसंत की छुट्टी के रूप में मनाया जाता हैं| दुनिया के 80 देशों में इस दिन नेशनल हॉलिडे होता हैं|

इस दिन कुछ जगहों पर कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते हैं| कनाडा और अमेरिका केवल दो ही ऐसे देश हैं जहाँ पर श्रमिक दिवस सितम्बर के पहले सोमवार के दिन मनाया जाता हैं| मजदूर का मतलब मजबूर नहीं होता और हर कोई मजदूर गरीब नहीं होता ,यही हमारी सबसे गलत सोच हैं| वह कैसे भी अपना जीवन व्यतीत करे,वह अपने कठिन परिश्रम से खाता हैं,कमाता हैं और अपनी दिनचर्या चलाता हैं|

इन लोगों की देश को बहुत जरूरत हैं,यह ऐसे व्यक्ति हैं जो अपनी मेहनत का कमाकर खाना पसंद करते हैं,इन्हें किसी के आगे अपना हाथ फैलाना पसंद नहीं होता हैं|

अंतराष्ट्रीय श्रमिक दिवस का इतिहास|

श्रमिक दिवस को विश्व का एक प्रचलित दिवस बताया जाता है| श्रमिक दिवस को भारत में कामकाजी लोगों और महिलाओं के सम्मान के रूप में मनाया जाता हैं| भारत में पहली बार श्रमिक दिवस को 1 मई,1923 को मद्रास(चेन्नई) में मनाया गया था,इसकी शुरुआत लेबर किसान पार्टी ऑफ़ हिंदुस्तान ने की थी|

यह दिन श्रमिकों के सम्मान में मनाया जाता है, जो दिन-रात काम कर अपने देश की उन्नति में लगे रहते हैं| अगर श्रमिक दिवस बनाने का इतिहास देखा जाए तो इसके पीछे एक मुख्य कारण हैं|

आइए इस मुख्य कारण को जाने और इसके बारे में पढ़े-

विश्व में श्रमिक दिवस की उत्पत्ति होने का कारण-

1 मई,1886 में अमेरिका के शिकागो शहर में हेमार्केट नामक चौक पर श्रमिकों का जमावड़ा लगा हुआ था| श्रमिकों ने उस समय इस बात पर हड़ताल की क्योंकि उस समय श्रमिकों के काम करने का समय निश्चय नहीं था|  उनसे बेहिसाब काम कराया जाता था| काम के दौरान उन्हें कई चोटें भी आती थी और कभी-कभी उनकी मृत्यु भी हो जाती थी|

इसलिए श्रमिकों ने 8 घंटों से ज्यादा समय तक काम नहीं करने के लिए हड़ताल शुरू की| इस हड़ताल में कोई मुख्य घटना ना घटे इसलिए वहाँ पर पुलिस की भी इंतज़ाम हो रखा था|  तभी 4 मई को वहाँ पर एक घटना घटी,वो घटना यह थी कि हेमार्केट में चल रही हड़ताल में कोई व्यक्ति भीड़ में बम-विस्फोट कर देता हैं|

जिसके कारण पुलिस को वहाँ पर फायरिंग करनी पड़ जाती हैं| फायरिंग के कारण वहाँ पर कई कर्मचारियों व निर्दोष लोगों की मृत्यु हो गयी थी और 100 से ज्यादा लोगों की घायल भी हो गए थे|

मजदूर वर्ग से जुडी इस घटना ने पूरे विश्व भर का ध्यान अपनी ओर खींचा| इस घटना का परिणाम तुरंत नहीं निकला लेकिन उचित परिणाम निकला| कर्मचारियों व समाजसेवकों की मदद से फलस्वरूप साल 1889 में अमेरिका, भारत व अन्य देशों द्वारा मजदूरों को 8 घंटे कराये जाने वाली पद्धति को अपनाया गया और उनके सम्मान में 1 मई को अंतराष्ट्रीय  श्रमिक दिवस के रूप में मनाया जाना लगा|  तब से श्रमिक दिवस पूरे विश्व में हर्षोल्लाष से मनाया जाता हैं| इस दिन सभी कामगारों व मजदूरों की छुट्टी होती हैं|

भारत में श्रमिक दिवस समारोह का महत्व

श्रमिक दिवस को केवल भारत में ही नही बल्कि पूरे विश्व  बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता हैं| इस दिन को विरोध के रूप में भी मनाया हैं|  ऐसा जब किया जाता हैं जब पुरुष और महिलाएं अपने अधिकार और हित के लिए सड़क पर हड़ताल करते हैं और विरोध करते हैं|

इस दिन न्यूज़ चैनल्स,रेडियो व सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर हैप्पी लेबर डे के मैसेज और फोटो दिखाई देते हैं| लोग एक दूसरे को इंटरनेट द्वारा सन्देश भेजते हैं| और ऐसा करने से लोगों को  श्रमिक दिवस के प्रति सामाजिक जागरूकता भी उत्पन्न होती हैं| इन सभी के अलावा अलग-अलग राजनीति पार्टी द्वारा नेता भाषण देते हैं और श्रमिक दिवस के महत्व को बताते हैं|

सन् 1960 में बम्बई को भाषा के आधार पर दो भागों में बाँट दिया गया, जिसके कारण महाराष्ट्र व गुजरात को इस दिन स्वतन्त्र राष्ट्र का दर्जा प्राप्त हुआ| इस लिए श्रमिक दिवस के दिन महाराष्ट्र दिवस और गुजरात दिवस के रूप में भी मनाया जाता हैं|  श्रमिक दिवस एक ऐसा अवसर हैं जिस दिन मजदूर वर्ग की सच्ची भावना को समझकर सभी लोग इसे बड़े ही धूम-धाम से मनाते हैं|

यह एक ऐसा दिन हैं,जिस दिन सभी मजदूर अपनी ताकत,एकजुटता दिखाने का मौका मिलता हैं| जो यह दर्शाता हैं कि श्रमिक वर्ग अपने अधिकारों के लिए कितने प्रभावी ढंग से सकारात्मक रूप में संघर्ष कर सकता हैं|

हमारा सोचना यह हैं कि जो लोग अपने नौकरों को अपना गुलाम समझते हैं, वो संसार में सबसे मूर्ख व्यक्ति हैं| उनका हक़ मारते साथ ही उनका शोषण करते हैं,वो संसार के सबसे बेकार लोग होते हैं| मजदूर समाज के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण हैं क्योंकि वहीं देश की उन्नति में एक नीव रखते हैं|

श्रमिक दिवस कैसे मनाया जाता हैं?

श्रमिक दिवस के दिन बहुत सारे देशों में छुट्टी होती हैं| इस दिन बहुत से मजदूर एक ख़ास जगह पर एकत्रित होकर कुछ ख़ास कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं|

इस दिन बहुत से लोग मजदूरों के सम्मान के लिए रैलियाँ भी निकालते हैं| इस दिन अंतराष्ट्रीय श्रमिक संगठन (International Labour Organisation) द्वारा सम्मलेन भी आयोजित किये जाते हैं|

इस प्रकार की सहाय कम या मुफ्त दामों में राशन,कपड़ें,शिक्षा और नौकरियां अन्य चीजें मजदूरों को दान में दी जाती हैं| श्रमिक दिवस पर लोगों को मजदूरों के सम्मान के लिए प्रेरित भी किया जाता हैं|

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Sanjana

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