सोइल हेल्थ कार्ड योजना| Soil Health Card Scheme in Hindi.

सोइल हेल्थ कार्ड योजना Soil Health Card Scheme in Hindi

सोइल हेल्थ कार्ड योजना सरकारी योजना 
Soil Health Card Government Scheme in Hindi




सोइल हेल्थ कार्ड योजना Soil Health Card Scheme in Hindi
सोइल हेल्थ कार्ड योजना Soil Health Card Scheme in Hindi

सोइल हेल्थ कार्ड योजना Soil Health Card Scheme- आज की फसलों में तरह-तरह के रोग पाए जाते हैं लेकिन इस रोग का कोई निवारण नहीं हो पाता है,इसलिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने एक योजना(scheme) निकाली थी| जिसका नाम “सोइल हेल्थ कार्ड” था| ये योजना किसानों के लिए हैं|

भारत में ज्यादातर किसान अशिक्षित किसान हैं,इसीलिए सोइल हेल्थ कार्ड की जरुरत और वह यह नहीं जानते कि किस प्रकार की फसलों को अधिकतम उपज प्राप्त करने के लिए उगाना चाहिए|

असल में वह गुणवत्ता और उनकी मिट्टी के प्रकार को नहीं जानते,उन्हें अनुभव हो सकता हैं कि क्या फैसले बढ़ी हैं और क्या फसल विफल होती हैं| लेकिन वह यह नहीं जानते हैं कि मिट्टी की स्थिति में सुधार करने के लिए क्या कर सकते हैं|




मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना| Soil Health Card Scheme.


सोइल हेल्थ कार्ड की योजना के तहत सरकार ने किसानों के लिए सोइल कार्ड जारी करने की योजना निकाली हैं| यह योजना भारत सरकार के जरिए 2015 में लायी गयी थी और “सोइल हेल्थ कार्ड” को “मृदा स्वास्थ्य कार्ड” से भी जाना जाता हैं|

मिट्टी की गुणवत्ता अच्छी होगी,तो फसल भी अच्छी व शुद्ध होगी,अगर मिट्टी की गुणवत्ता अच्छी नहीं होगी तो फसल अच्छी कैसे हो पायेगी| इसी वजह से भारत सरकार ने यह सोइल हेल्थ कार्ड जारी किया हैं| इस योजना अनुसार सरकार तीन साल के अंदर ही पुरे भारत देश में लगभग चौदह करोड़ किसानों को यह कार्ड बनवाने का उद्देश्य दिया गया हैं|

इस सोइल हेल्थ कार्ड में एक रिपोर्ट छपेगी, हालांकि किसानों को अपने खेत और जमीन के लिए तीन साल में केवल एक बार ही दी जाएगी|


सोइल हेल्थ कार्ड की मुख्य बातें इस प्रकार हैं-
The main things of Soil Health Card are as follows in Hindi




योजना(scheme) का नाम सोइल हेल्थ कार्ड योजना(मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना)
योजना(scheme) का क्षेत्र मिट्टी का परिक्षण
योजना की लांच तारीक 17 फरवरी 2015
योजना लांच के कर्मदाता श्री नरेंद्र मोदी जी
बजट लगभग 565 करोड़




सोइल हेल्थ कार्ड योजना की विशेषताएँ क्या हैं?
What are the features of Soil Health Card scheme in Hindi?


  1. .देश के सभी भाग में ये योजना शामिल की जाएगी|
  2. . भारत सरकार को इस सोइल हेल्थ कार्ड योजना में कम से कम 14 करोड़ किसानों को इसमें जोड़ना हैं|
  3. .इस योजना में सोइल कार्ड के रूप में एक रिपोर्ट दी जाएगी,एवं इस रिपोर्ट में उन लोगों की जमीन की मिट्टी की पूरी जानकारी होगी|
  4. .सोइल हेल्थ कार्ड तीन साल में एक बार ही एक खेत और जमीन के लिए दी जाएगी|
  5. .जिससे फसल अच्छी तरह से उगे और जिस फसल में कोई रोग न हो|



सोइल हेल्थ कार्ड के प्रमुख तथ्य क्या हैं?
What are the main facts of Soil Health Card in Hindi?


सोइल हेल्थ कार्ड के प्रमुख तथ्य इस प्रकार हैं-

  1. मिट्टी की कार्यात्मक विषेशताएँ|
  2. मिट्टी का स्वास्थ|  
  3. मिट्टी में पानी और अन्नय पोषक तत्व की सामग्री|
  4. अगर मिट्टी में अतिरिक्त गुण पाए जाते हैं,तो कार्ड में उसकी अलग सूची दी जाएगी|
  5. मिट्टी में कुछ सुधारात्मक उपाय जिससे किसान अपनी मिट्टी की खामियों को सुधारने के लिए उपयोग कर सकेगा|

सोइल हेल्थ कार्ड योजना कार्य कैसे करती हैं?
How do the Soil Health Card work work In Hindi?




  1. इस योजना में सबसे पहले औथोरिटी अलग-अलग मिट्टी के सैंपल को एकत्रित करेगी|
  2. इसके बाद वे इसे सोइल हेल्थ लेब में जाँच के लिए भेजेंगे|
  3. लेब के अंदर विशेषज्ञ इस मिट्टी की जाँच करेंगे|
  4. और इसके बाद में विभिन्न मिट्टी के सैंपल की ताकत(मजबूती) और कमजोरी की सूचि बनाएंगे|
  5. अगर मिट्टी में कोई कमी हुई तो उसके उपाय और उसको सुधारने के लिए सुझाव देंगे और उसकी अलग सूचि बनाएंगे|
  6. इसके बाद किसानों के लिए सोइल कार्ड में स्वरूपित तरीके से सभी जानकारी डाल देंगे|
  7. वे जानकारी को इस तरह से दी जाएगी कि हर किसान सरलतापूर्वक से उसको समझ पायेगा|

सोइल हेल्थ कार्ड के फायदे क्या हैं?
What are the benefits of Soil Health Card in Himdi?


  1. इस योजना के तहत किसानो की मिट्टी की पूर्ण तरह से जाँच की जायेगी और इसके बाद किसानों को इसकी रिपोर्ट दी जायेगी
  2. जिससे किसान यह निश्चय कर पाएंगे की उन्हें कौन सी फसल उगानी चाहिए और किसे छोड़ देना चाहिए |  
  3. हम सभी यह जानते हैं की आज-कल फसलों में अनेक प्रकार के रोग लग जाते हैं और इन रोगों कि जाँच  नहीं हो पा रही हैं इसलिए सोइल हेल्थ कार्ड योजना किसानों के लिए बहुत लाभदायक हैं |
  4. इस योजना  के तहत यह पता लगाया  जा सकता हैं की कौन सी मिट्टी मे कितना पोषक  तत्व हैं , कम हैं और ज्यादा हैं यह भी पता लगाया जा सकता हैं |  
  5. इस योजना से किसानों  को हर तीन साल मे एक बार इसकी  रिपोर्ट दी जायेगी |

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Sanjana

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