अंतरराष्ट्रीय / विश्व शांति दिवस 21 सितंबर| International / World Peace Day 21 September in Hindi.

अंतरराष्ट्रीय / विश्व शांति दिवस 21 सितंबर| International / World Peace Day 21 September in Hindi.

 International / World Peace Day 21 September in Hindi
अंतरराष्ट्रीय / विश्व शांति दिवस 21 सितंबर


अंतरराष्ट्रीय / विश्व शांति दिवस 21 सितंबर| International / World Peace Day 21 September in Hindi.
अंतरराष्ट्रीय / विश्व शांति दिवस 21 सितंबर| International / World Peace Day 21 September in Hindi.

आज के समय मे इंसान एक सफल और शांत जीवन व्यतीत करना पसंद करता हैं| लेकिन आज कल की भाग दौड़ में यह शांति नाम का शब्द लुप्त सा हो गया हैं| अहिंसा से ही शांति और खुशी कायम की जा सकती है| 

अंतराष्ट्रीय शांति दिवस प्रत्येक वर्ष 21 सितंबर को मनाया जाता हैं| इस दिन विश्व के शांति दूतों को याद किया जाता है| अंतराष्ट्रीय स्तर पर मदर टेरेसा, महात्मा गाँधी, नेल्सन मंडेला, नेपोलियन बोनापार्ट और गौतम बुद्ध आदि महापुरुषों को याद किया जाता है क्योंकि इन्होंने देश में शांति कायम करने की कई प्रयास किये थे| आइए शांति दिवस के बारे मे और जानकारी प्राप्त करते हैं-

अंतराष्ट्रीय शांति दिवस का इतिहास –

प्रथम विश्व युद्ध के बाद पेरिस में एक शांति सम्मेलन का आयोजन हुआ था| जिसमें विश्व के कई देशों ने हिस्सा लिया था| यूनाइटेड नैशन ने इसे दूसरे विश्व युद्ध तक मुहिम करने का प्रयास किया था|

इसलिए आज भी यूनाइटेड नैशन में यह त्योहार विश्व स्तर सबसे ज़्यादा धूम धाम से मनाया जाता है| अंतराष्ट्रीय शांति दिवस 21 September 1982 को पहली बार विश्व मे मनाया गया था| मुख्य रूप से विश्व स्तर पर शांति रखने के लिए इस दिवस को मनाए जाने पर मोहर लगी थी| परन्तु अब वर्तमान में शांति के जरा से भी आसार नहीं दिखते हैं|

अंतराष्ट्रीय शांति दिवस की शुरुआत सन् 1872 से हुई थे| यह त्योहार सन् 1982 से 2001 तक September महीने के तीसरे मंगलवार के दिन अंतराष्ट्रीय शांति दिवस और विश्व शांति दिवस के रूप मे मनाया जाता था लेकिन सन् 2002 से इस त्योहार को मनाने की तिथि 21 September निर्धारित कर दी गई| तब से अभी तक यह दिन अंतराष्ट्रीय शांति दिवस के रूप मे बढ़े ही उच्च स्तर पर मनाया जाता है|

 मानवता धर्म को अपनाओ-

आज के दौर पर हर व्यक्ति को ये समझना चाहिए कि मानवता से बढ़कर कोई धर्म नहीं हैं|

हमारी भाषा,संस्कृत, और कपड़े पहनने का ढंग अलग-अलग हो सकता हैं लेकिन विश्व के कल्याण के लिए मार्ग एक ही होना चाहिए|

हर मनुष्य को नफरत की राह को छोड़कर प्रेम की राह चुननी चाहिए और हमेशा उसी पर चलना चाहिए|

शांति के महत्व को स्वीकार करते हुए संयुक्त राष्ट्र ने 1982 में प्रस्ताव पारित किया था| जिसमें कहा गया था कि 21 September को विश्व शांति दिवस(International peace Day) मनाया जाएगा|

भारत और विश्व शांति क्या हैं?

दोस्तों पंडित जवाहरलाल नेहरू जी को कौन नहीं जानता हैं, उन्होंने हमारे भारत देश की शांति के लिए बहुत ही अच्छे व सामाजिक कार्य किए हैं|

पंडित जवाहरलाल नेहरू जी ने विश्व में शांति और अमल स्थापित करने के लिए पांच मूल-मंत्र दिए हैं|जिसे कुछ लोग पंचशील सिद्धांत के नाम से भी जानते हैं|

. एक दूसरे की प्रादेशिक, अखंडता और प्रभुसत्ता का सम्मान करना|

. एक दूसरे के विरुद्ध आक्रामक कारवाही ना करना|

. एक दूसरे के आंतरिक विषयों में हस्तक्षेप ना करना|

. समानता और परस्पर लाभ की नीति का पालन करना|

. शांति पूर्ण सह- अस्तित्व की नीति में विश्वास करना|

दोस्तों! ऎसा माना जाता हैं कि ऊपर लिखे हुए पांचो बिंदुओं पर लिखी हुई बातों पर अगर अमल करें, तो तरफ़ चैन और खुशी का ही वास होगा|  

 शांति दिवस का उद्देश्य क्या हैं?

पूरे विश्व में शांति कायम करना आज संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख लक्ष्य हैं| अंतर्राष्ट्रीय संघर्ष को रोकने और शांति की संस्कृति विकशित करने के लिए उन यूनाइटेड नैशन का जन्म हुआ|

संघर्ष, आंतक और अशांति के दौर में शांति का प्रसार प्रचार करना बेहद जरूरी है| इसलिए संयुक्त राष्ट्र और उसकी तमाम संस्थाए और सरकार प्रतिवर्ष 21 September को विश्व शांति दिवस (International Peace Day) आयोजित करती हैं|

शांति का संदेश दुनिया के कोने-कोने में पहुचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र कला, साहित्य, संगीत, सिनेमा, और खेल जगत की विश्वविख्यात हस्तियों को शांतिदूत नियुक्त कर रखा हैं|

 शांति विश्व दिवस पर कबूतर उड़ाने की परंपरा- 

दोस्तों आप सभी लोग जानते ही होंगे कि तिरंगा में सफेद रंग का उल्लेख शांति का प्रतीक से किया गया हैं |ठीक उसी प्रकार  International Peace Day पर कबूतर उड़ाने की परंपरा हैं|

सफेद कबूतर शांति का प्रतीक होता हैं|विश्व शांति दिवस पर हर देश मे जगह जगह सफेद रंग के कबूतरों को उड़ाया जाता हैं, जो कहीं ना कहीं पंचशील के सिद्धांतों को दुनिया के कोने-कोने मे फैलाते हैं|

विश्व शांति दिवस पर कबूतर उड़ाने की परंपरा बहुत ही पुरानी हैं| इन कबूतरों को उड़ाने के पीछे किसी कवि की पंक्तिया हैं,,,,

“लेकर चले हम पैगाम भाइचारे का ताकि व्यर्थ खून ना बहे  किसी वतन के रखवाले का”

दोस्तों, ‘आपको हमारा यह आर्टिकल तरराष्ट्रीय / विश्व शांति दिवस 21 सितंबर| International / World Peace Day 21 September in Hindi कैसा लगा आप हमें कमेंट करके बताए और हमारे इस आर्टिकल को शेयर और लाइक करना ना भूले|

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Sanjana

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