28 वर्षीय प्रियंका ने बिना किसी कोचिंग, बिना किसी नेटवर्क की साइड की मदद के यूपीएससी की परीक्षा को क्रैक किया हैं|

दोस्तो, जैसा कि आप सभी जानते हैं कि यूपीएससी की परीक्षा को क्रैक करना आसान काम नहीं हैं| खासकर उन लोगों के लिए जो दयनीय पृष्ठभूमि से आते हैं|
वहीं 28 वर्षीय प्रियंका ने बिना किसी कोचिंग, बिना किसी नेटवर्क की साइड की मदद के यूपीएससी की परीक्षा को क्रैक किया हैं|

28 वर्षीय प्रियंका ने अपने परिवार को यूपीएससी
परीक्षाओं के प्रणाम के बारे में बताया|
उनके माता- पिता जी दूरदराज के गाँव में रहते थे, जहां मोबाइल कनेक्टिविटी नहीं होती हैं|

दोस्तों, त यूपीएससी की तैयारी करने के लिए कई साल देने के बाद भी अच्छे से अच्छे लोग इस परीक्षा को पूर्ण नहीं कर पाते हैं| लेकिन प्रियंका ने एक बार में ही इसमे सफलता प्राप्त कर ली|
दोस्तों, अगर आपका लक्ष्य साफ हैं तो उसे पूरा करने से आपको कोई नहीं रोक सकता हैं|
प्रियंका ने ये साबित कर दिया कि अगर हम कुछ ठान ले तो उसको अवश्य पूरा सकते हैं|
उन्होंने हम सबको यही सीख दी हैं कि कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ, कुछ भी हासिल किया जा सकता हैं|

द लॉजिकल इंडियन की रिपोर्ट-
द लॉजिकल इंडियन की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड के रामपुर के एक छोटे से गाँव से आने वाली प्रियंका बचपन से ही स्कूल के बाद खेत में अपने पिता जी मदद करती थी|
दोस्तों, आज भी उनका मिट्टी का घर, बिजली और
मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी कई बुनियादी सुविधाओं से कटा हुआ हैं और केवल गाँव से 15 किलोमीटर दूर ट्रैकिंग द्वारा ही पहुँचा जा सकता हैं|
इस कठिनाई के वाबजूद उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परिक्षा पास कर ली हैं|

प्रियंका ने कई चुनौतियों का सामना किया-
दोस्तों, वह अपने पिता ‘दीवान राम जी’ की खेतों में मदद करती थी और सिंचाई प्रणालियों के माध्यम से पानी की आपूर्ति करने से लेकर उपज की कटाई तक उनका साथ देती थी|
प्रियंका ने अपना समय उत्तराखंड के सुदूर गाँव में अपने पिता के खेत में व्यतीत करती थीं|
बाद वह अपने घर से 115 किलोमीटर गोपेश्वर नामक एक कस्बे में शिफ्ट हो गईं और अतिरिक्त आय अर्जित करने के लिए लगभग 40 छात्रों को पढ़ाना शुरू कर दिया|

फेमना की रिपोर्ट के अनुसार-
फेमना की रिपोर्ट के अनुसार प्रियंका 10 वी कक्षा की परीक्षा के बाद, प्रियंका ने गोपेश्वर के गवर्नमेंट गर्ल्स इंटर कॉलेज से अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए चली गई|
उन्होंने उसी संस्थान से कला में स्नातक की पढ़ाई पूरी की|
इसके बाद, वह डीएवी कॉलेज में कानून की डिग्री लेने के लिए देहरादून गई|
लगातर बिजली कटौती और मोबाइल कनेक्टिविटी के लिए एक पहाड़ी पर चढ़ने के बाद, परिणाम घोषित होने के दिन बाद, वह 5 अगस्त को अपने. पिता से बात कर पाई|

प्रियंका ने कहा-
“कठिनाइयों ने मुझे और मजबूत बना दिया|
मैंने अपने जीवन में बहुत कुछ देखा हैं|
जब चीजें कठिन हो जाती हैं, तो मैं अक्सर महसूस करना चाहती हूं, लेकिन मैं हर बार खुद को खींच लेती|
अब मुझे पता हैं कि मैंने अपने जैसे अन्य लोगों के लिए चीजों को बेहतर बनाने के लिए जो मंच हासिल किया हैं|
मैं उसका उपयोग कर सकती हैं|”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *