सर्वपल्ली राधाकृष्णन के टॉप-21 अनमोल विचार-

स्वतंत्र भारत के पहले उपराष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर, 1888 में हुआ था| डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के दूसरे राष्ट्रपति भी थे| वह 1952 में भारत के उपराष्ट्रपति बने और 1962 में भारत के राष्ट्रपति चुने गए| उन्‍हें भारत रत्‍न, ऑर्डर ऑफ मेरिट, नाइट बैचलर और टेम्‍पलटन प्राइज से नवाजा गया था। डॉ राधाकृष्णन समूचे विश्व को एक विद्यालय मानते थे| उनका मानना था कि शिक्षा के द्वारा ही मानव मस्तिष्क का सदुपयोग किया जा सकता है| इसलिए प्रत्येक वर्ष 5 सितंबर को इनके जन्म दिवस  को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है| दोस्तों हमारा आज का आर्टिकल डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के टॉप-21 अनमोल विचार पर हैं| तो आइए दोस्तों इस शिक्षक दिवस के अवसर पर डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के टॉप-21 अनमोल विचार को पढ़ते हैं-

अनमोल विचार – 1

जीवन का सबसे बड़ा उपहार एक महान जीवन का सपना है|

अनमोल विचार – 2

लोकतंत्र सिर्फ विशेष लोगों के लिए नहीं बल्कि हर एक मनुष्य की आध्यात्मिक संभावनाओं में एक यकीन है|

अनमोल विचार – 3

धन, शक्ति और दक्षता केवल जीवन के साधन हैं, खुद जीवन नहीं|

अनमोल विचार – 4

जीवन को बुराई की तरह देखना और दुनिया को एक भ्रम मानना महज कृतध्नता है|

 अनमोल विचार – 5

आध्यात्मक जीवन भारत की प्रतिभा है।

अनमोल विचार – 6

शिक्षा का परिणाम एक मुक्त रचनात्मक व्यक्ति होना चाहिए, जो ऐतिहासिक परिस्थितियों और प्राकृतिक आपदाओं के विरुद्ध लड़ सके|

अनमोल विचार – 7

मनुष्य को सिर्फ तकनीकी दक्षता नही बल्कि आत्मा की महानता प्राप्त करने की भी जरुरत है|

अनमोल विचार – 8

कवि के धर्म में किसी निश्चित सिद्धांत के लिए कोई जगह नहीं है|

अनमोल विचार – 9

धर्म भय पर विजय है, असफलता और मौत का मारक है|

अनमोल विचार – 10

कोई भी जो स्वयं को सांसारिक गतिविधियों से दूर रखता है और इसके संकटों के प्रति असंवेदनशील है वास्तव में बुद्धिमान नहीं हो सकता|

अनमोल विचार – 11

मानवीय स्वाभाव मूल रूप से अच्छा है, और आत्मज्ञान का प्रयास सभी बुराईयों को खत्म कर देगा|

अनमोल विचार – 12

पुस्तकें वो साधन हैं जिनके माध्यम से हम विभिन्न संस्कृतियों के बीच पुल का निर्माण कर सकते हैं|

अनमोल विचार – 13

शिक्षक वह नहीं जो छात्र के दिमाग में तथ्यों को जबरन ठूंसे, बल्कि वास्तविक शिक्षक तो वह है जो उसे आने वाले कल की चुनौतियों के लिए तैयार करें|”

अनमोल विचार – 14

शांति राजनीतिक या आर्थिक बदलाव से नहीं आ सकती बल्कि मानवीय स्वभाव में बदलाव से आ सकती है|

अनमोल विचार – 15

शिक्षा के द्वारा ही मानव मस्तिष्क का सदुपयोग किया जा सकता है| अत: विश्व को एक ही इकाई मानकर शिक्षा का प्रबंधन करना चाहिए|

अनमोल विचार – 16

किताबें पढ़ने से हमें एकांत में विचार करने की आदत और सच्ची खुशी मिलती है|

अनमोल विचार – 17

भगवान की पूजा नहीं होती बल्कि उन लोगों की पूजा होती है जो उनके नाम पर बोलने का दावा करते हैं|

अनमोल विचार – 18

कला मानवीय आत्मा की गहरी परतों को उजागर करती है. कला तभी संभव है जब स्वर्ग धरती को छुए|

अनमोल विचार – 19

कहते हैं कि धर्म के बिना इंसान लगाम के बिना घोड़े की तरह है|

अनमोल विचार – 20

मौत कभी अंत या बाधा नहीं है बल्कि अधिक से अधिक नए कदमो की शुरुआत है|

अनमोल विचार – 21

सच्चा गुरु वो है जो हमें खुद के बारे में सोचने में मदद करता है|

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