केंद्र सरकार ने 119 मोबाइल ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है| इसमे पबजी भी शामिल है|

धारा 69 ए के तहत इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इन मोबाइल ऐप्स पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है| पबजी समेत इन 118 मोबाइल ऐप्स को इसलिए बैन किया जा रहा हैं, क्योंकि केंद्र सरकार को इनके ऊपर बहुत सारी शिकायतें मिली हैं| जारी बयान में कहा गया है कि ये ऐप राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा थे| दोस्तों हमारा आज का आर्टिकल अभी की सबसे बड़ी खबर पबजी समेत बैन हुए उन 118 मोबाइल ऐप्स पर है| तो आइए दोस्तों हमारे आज के इस आर्टिकल को पढ़ते हैं-

राष्ट्र की सुरक्षा के लिए और सवालों के घेरों में आने के बाद इन ऐप्स पर बैन लगाया गया है-

सरकार की ओर से कहा गया है कि इन ऐप्स के फंक्शंस और यूजर्स का डेटा कलेक्ट किए जाने के पैटर्न की जांच की गई और जरूरी इनपुट्स मिलने के बाद इन्हें देश की सुरक्षा के लिए चिंताजनक माना गया| इन ऐप्स की ओर से कलेक्ट और शेयर किए गए डेटा के चलते ये सवालों के घेरे में आए| डेटा और जानकारी बाहरी देशों से साझा कर ऐप्स यूजर्स और राष्ट्र की सुरक्षा को भी नुकसान पहुंचा सकते थे, जिसके चलते इन पर बैन लगाया गया है|

गेमिंग की दीवानगी, जान पर पड़ी भारी-

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मोबाइल पर पब्जी गेम खेलते हुए एक युवक की मौत का दावा किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि पब्जी गेम खेलते वक्त युवक ने गलती से केमिकल पी लिया था. इससे कारण युवक की मौत हो गई. वहीं, आगरा कैंट जीआरपी इस पूरे मामले की जांच कर रही है. बताया जा रहा है कि युवक अपने दोस्तों के साथ ट्रेन में ग्वालियर से आगरा आ रहा था. इसी दौरान उसने पेय पदार्थ समझकर बिना देखे धोखे से केमिकल पी लिया|

भारत में सबसे ज्यादा प्रयोग होता था पबजी-

चीन की कंपनी टेंसेंट का पबजी गेमिंग ऐप में भारी निवेश है| जुलाई 2020 तक पबजी की ग्लोबल रेवन्यू करीब 22,000 करोड़ तक पहुंच गयी| भारत पबजी के लिए दुनिया का सबसे बड़ा बाजार है| उसके कुल डाउनलोड का 24% भारत में किया गया था| अनुमान के मुताबिक उसका करीब 8.4 करोड़ डॉलर का राजस्व भारत से आता है|

भारत के ऐप बाजार में चीनी कंपनियों को काफी आर्थिक नुक्सान होगा-

भारत के ऐप बाजार में चीनी कंपनियों को काफी आर्थिक नुक्सान होगा, क्योंकि 118 ऐप में से ज्यादातर का मालिकाना हक चीन का है या उनकी कंपनियों की 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है| प्रतिबन्ध का चीन की बड़ी डिजिटल कंपनी श्याओमी, टेंसेंट, अलीबाबा और चीन का गूगल माना जाने वाले बाइदू पर काफी असर पड़ेगा|

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